भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और त्रिपुरा में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति कर संगठनात्मक बदलावों का बड़ा संदेश दिया है। इन नियुक्तियों के बाद अब केंद्र सरकार में संभावित कैबिनेट फेरबदल की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। खास बात यह है कि पार्टी ने कई जगहों पर सीधे केंद्रीय मंत्रियों को संगठन की जिम्मेदारी सौंपी है।
दिल्ली में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। इससे पहले केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश भाजपा की कमान दी गई थी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि केंद्र और संगठन में इस तरह की नई जिम्मेदारियां भविष्य में बड़े राजनीतिक फेरबदल का संकेत हो सकती हैं।
माना जा रहा है कि भाजपा आगामी कैबिनेट विस्तार या फेरबदल में उन राज्यों को प्राथमिकता दे सकती है जहां अगले दो वर्षों में विधानसभा चुनाव होने हैं। पार्टी ऐसे राज्यों में संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाकर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करना चाहती है।
दिल्ली में हर्ष मल्होत्रा की नियुक्ति को बेहद अहम माना जा रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले मल्होत्रा को संगठन का मजबूत और अनुशासित चेहरा माना जाता है। ऐसे में राजधानी दिल्ली में उन्हें जिम्मेदारी देना भाजपा की रणनीतिक तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है।
वहीं पंजाब में केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने नए सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की है। शिरोमणि अकाली दल से अलग होने के बाद भाजपा लगातार पंजाब में अपने जनाधार को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी के स्थानीय नेता लंबे समय से किसी प्रमुख सिख चेहरे को आगे लाने की मांग कर रहे थे। ऐसे में केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति को उसी दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
हरियाणा और त्रिपुरा में भी नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति के जरिए भाजपा ने साफ संकेत दिया है कि पार्टी अब 2027 और उससे आगे के चुनावों की तैयारी में पूरी ताकत के साथ जुट चुकी है। संगठनात्मक बदलावों के जरिए भाजपा क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने के साथ-साथ बूथ स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
राजनीति की हर बड़ी खबर के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज
👁️ अब तक पढ़ा गया:
बार