आंध्र प्रदेश में तीसरे और चौथे बच्चे के जन्म पर प्रोत्साहन राशि देने की सरकार की योजना को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu की सरकार की इस पहल पर सीपीएम नेता Brinda Karat ने कड़ी आपत्ति जताई है।
बृंदा करात ने इस योजना को महिलाओं की स्वतंत्रता और निजी जीवन में हस्तक्षेप बताया है। पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि सरकार का इस तरह परिवार और बच्चों की संख्या को प्रोत्साहन से जोड़ना महिलाओं की स्वायत्तता पर असर डाल सकता है। उनके अनुसार, यह महिलाओं के अधिकारों और निर्णय लेने की आजादी से जुड़ा संवेदनशील विषय है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता का सीधा लाभ महिलाओं तक पहुंचने को लेकर भी सवाल हैं। उनका कहना है कि अक्सर ऐसी योजनाओं का वास्तविक लाभ महिलाओं को नहीं मिल पाता और परिवार के भीतर फैसले दूसरे लोग लेते हैं।
दरअसल, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू सरकार ने तीसरे और चौथे बच्चे के जन्म पर नकद प्रोत्साहन देने की योजना का प्रस्ताव रखा है। इसे जनसंख्या संतुलन और भविष्य की जनसांख्यिकीय चुनौतियों के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, इस पर अब राजनीतिक और सामाजिक बहस शुरू हो गई है।
एक तरफ सरकार इसे जनसंख्या नीति से जुड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष और महिला अधिकारों से जुड़े कई लोग इसे महिलाओं के निजी फैसलों में सरकारी दखल के रूप में देख रहे हैं।
राजनीति और देश की हर बड़ी खबर के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज।