पटना। बिहार सरकार ने चर्चित टेंडर घोटाले मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में समाज कल्याण विभाग के निदेशक योगेश सागर (2017 बैच) और जीविका परियोजना की निदेशक अभिलाषा कुमारी शर्मा (2014 बैच) शामिल हैं।
यह कार्रवाई कथित टेंडर माफिया रिशु श्री उर्फ रिशु रंजन सिन्हा की गिरफ्तारी के बाद की गई है। विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने गुरुवार को रिशु श्री को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, रिशु श्री पर विभिन्न सरकारी विभागों के टेंडर अपनी कंपनियों और पसंदीदा ठेकेदारों को दिलाने के लिए प्रभाव का इस्तेमाल करने का आरोप है।
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, योगेश सागर और उनके परिजनों को रिशु श्री द्वारा यूरोप यात्रा कराए जाने की बात सामने आई है। वहीं अभिलाषा कुमारी शर्मा पर आरोप है कि रिशु श्री ने उनके सरकारी आवास की छत पर लगभग 9 लाख रुपये खर्च कर बागवानी और सौंदर्यीकरण का कार्य कराया। इसके अलावा उनके कई रिश्तेदारों की देश के विभिन्न शहरों की यात्राओं का खर्च भी कथित तौर पर रिशु श्री ने वहन किया।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के दौरान भी इन दोनों अधिकारियों के नाम सामने आए थे। इसके बाद मामले को आगे की जांच के लिए विशेष निगरानी इकाई (SVU) को सौंप दिया गया। रिशु श्री के विभिन्न ठिकानों पर हुई छापेमारी में करोड़ों रुपये के जेवरात, नकदी, महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।
सरकार ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। वहीं ED और SVU की संयुक्त जांच अभी जारी है। सूत्रों के अनुसार, जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में कई अन्य बड़े अधिकारियों और प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
इस कार्रवाई को बिहार सरकार द्वारा भ्रष्टाचार और टेंडर अनियमितताओं के खिलाफ सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है। मामले पर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा हो रही है।
बिहार की ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए पढ़ते रहिए — मिथिला हिन्दी न्यूज.