बिहार में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: 10 अधिकारियों पर गिरी गाज, एक महीने में 60 कर्मियों के खिलाफ हुई कार्रवाई


पटना: बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 10 अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक एवं अनुशासनिक कार्रवाई को मंजूरी दे दी है। विभागीय मामलों की समीक्षा के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री Dilip Kumar Jaiswal ने स्पष्ट कहा कि जनता से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विभाग के अनुसार, पिछले एक महीने के दौरान भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और कर्तव्य में लापरवाही के मामलों में कुल 60 अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इससे पहले 12 जून को भी आठ अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की स्वीकृति दी गई थी।

समस्तीपुर की सीओ को वेतन वृद्धि रोकने का दंड

समस्तीपुर की अंचल अधिकारी पुष्पलता कुमारी पर दाखिल-खारिज मामलों में अनियमितता के आरोप सिद्ध होने के बाद एक वेतन वृद्धि रोकने का दंड दिया गया है। हालांकि यह दंड संचयी प्रभाव के बिना लागू किया गया है।

बगहा की सीओ पर आरोप पत्र

पश्चिम चंपारण के बगहा-1 की अंचल अधिकारी नर्मदा श्रीवास्तव पर दाखिल-खारिज मामलों को लंबित रखने, सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने तथा न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में विभागीय आरोप पत्र गठित किया गया है।

संपतचक और कुढ़नी के अधिकारियों पर भी कार्रवाई

पटना के संपतचक अंचल अधिकारी अमित कुमार पर दाखिल-खारिज मामलों में अनावश्यक आपत्तियां लगाने और परिमार्जन आवेदनों के निष्पादन में देरी करने के आरोप लगाए गए हैं।

वहीं मुजफ्फरपुर के कुढ़नी के तत्कालीन राजस्व अधिकारी धीरज कुमार पर मुख्यालय से अनधिकृत अनुपस्थिति, कार्यों में लापरवाही तथा दाखिल-खारिज मामलों में अनियमितता बरतने के आरोप में विभागीय आरोप पत्र स्वीकृत किया गया है।

बांका में पदस्थ अधिकारी के खिलाफ भी जांच

वर्तमान में बांका में अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के रूप में कार्यरत रंजीत कुमार पर सहरसा में पदस्थापना के दौरान अतिक्रमण मामलों में नियमों के विपरीत आदेश देने और वरीय अधिकारियों को गलत जानकारी देकर गुमराह करने के आरोप हैं। उनके विरुद्ध भी अनुशासनिक कार्रवाई जारी है।

सीतामढ़ी के राजस्व अधिकारी पर रिश्वत मांगने का आरोप

सीतामढ़ी के रून्नीसैदपुर में तैनात राजस्व अधिकारी विश्वामित्र खरवार पर बिना पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य के आवेदन खारिज करने तथा अमीन के माध्यम से 5 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है। मामले में विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

किशनगंज और हाजीपुर के अधिकारियों पर भी शिकंजा

किशनगंज सदर के अंचल अधिकारी राहुल कुमार पर दाखिल-खारिज मामलों को गलत तरीके से अस्वीकृत करने और पर्याप्त जांच के बिना सरकारी जमीन को रैयती घोषित करने का आरोप है।

हाजीपुर के तत्कालीन अंचल अधिकारी मुकुल कुमार झा के खिलाफ निगरानी थाना में दर्ज भ्रष्टाचार मामले के आधार पर आरोप पत्र गठित किया गया है।

ऑनलाइन रिश्वत देने की कोशिश का आरोप

औरंगाबाद के सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी नीलकमल कुमार सिन्हा पर विभाग के एक अधिकारी को ऑनलाइन माध्यम से रिश्वत देने का प्रयास करने का आरोप है। उनके खिलाफ भी अनुशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।

15 लाख रिश्वत लेने के आरोप में DCLR पर कार्रवाई

सबसे चर्चित मामला पटना सिटी की भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) अभिलाषा सिन्हा से जुड़ा है। उन पर दाखिल-खारिज अपील मामले के निपटारे के बदले बिचौलिए के माध्यम से 15 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है। विभाग ने उनके खिलाफ आरोप पत्र गठित कर निलंबन की अनुशंसा सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दी है।

जीरो टॉलरेंस नीति पर सरकार अडिग

राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति प्रभावी रूप से लागू है। उन्होंने कहा कि जनता को समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को अपने पद का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

बिहार की ताजा राजनीतिक और प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज।

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