नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष कई अहम मांगें रखीं। प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने बिहार की उपलब्धियों और आवश्यकताओं को विस्तार से रखा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार ने अपने संसाधनों से निवेश कर जल जीवन मिशन के राष्ट्रीय लक्ष्य को निर्धारित समय से पहले पूरा कर लिया है। राज्य के लाखों परिवारों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत बिहार ने भारी वित्तीय निवेश किया, लेकिन कुछ तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली राशि अभी तक राज्य को प्राप्त नहीं हो सकी है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से कुल 18 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि इसमें 13 हजार करोड़ रुपये पहले से खर्च की गई राशि के केंद्रांश के रूप में तथा 5 हजार करोड़ रुपये वर्तमान में चल रही योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए मांगे गए हैं।
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार प्रयासरत है। राज्य में पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार बिहार की मांगों पर सकारात्मक विचार करेगी और राज्य के विकास को नई गति देने में सहयोग करेगी।
नीति आयोग की बैठक में बिहार की यह मांग राज्य के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यदि केंद्र सरकार द्वारा यह राशि स्वीकृत की जाती है, तो जल जीवन मिशन सहित कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को और मजबूती मिलेगी।
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