बिहार पंचायत चुनाव 2026: आरक्षण रोस्टर में होगा बड़ा बदलाव, सितंबर-अक्टूबर में हो सकते हैं चुनाव

पटना: बिहार पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग चुनावी प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटा है। संभावना जताई जा रही है कि पंचायत चुनाव इस वर्ष सितंबर के अंतिम सप्ताह से अक्टूबर के पहले सप्ताह के बीच 8 से 9 चरणों में कराए जा सकते हैं। चुनाव से पहले पंचायतों के सीमांकन और जनसंख्या आधारित आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। जिला गजट का प्रकाशन होने के बाद अब पंचायतवार आरक्षण रोस्टर तैयार किया जा रहा है। संभावित उम्मीदवारों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की नजरें अब आरक्षण सूची पर टिकी हैं, क्योंकि इसी से तय होगा कि कौन-सी सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित होगी। इस बार पंचायत चुनाव की सबसे बड़ी खासियत 10 साल बाद आरक्षण चक्र में होने वाला व्यापक बदलाव है। वर्ष 2016 और 2021 के चुनावों में लागू आरक्षण व्यवस्था में परिवर्तन किया जाएगा। इसके तहत कई सीटें जो पहले अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग या महिला वर्ग के लिए आरक्षित थीं, वे सामान्य श्रेणी में आ सकती हैं। वहीं सामान्य सीटें आरक्षित वर्गों के खाते में जा सकती हैं। महिलाओं को पंचायत चुनाव में पहले की तरह 50 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, लेकिन महिला आरक्षण वाली सीटों का निर्धारण भी रोटेशन प्रणाली के आधार पर किया जाएगा। इससे कई नए उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने का अवसर मिल सकता है। पिछले चुनावों की तरह इस बार भी वार्ड सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, पंच और सरपंच समेत छह पदों के लिए चुनाव होंगे। मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के माध्यम से कराया जाएगा। आरक्षण रोस्टर में संभावित बदलाव के कारण इस बार पंचायत चुनाव के राजनीतिक और सामाजिक समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। अब सभी की निगाहें राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की जाने वाली अंतिम आरक्षण सूची और चुनाव कार्यक्रम पर टिकी हुई हैं। पंचायत चुनाव और बिहार की हर बड़ी खबर के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज।
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