पटना: बिहार में सरकारी आवास को लेकर चल रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री आवास से संबंधित एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। भवन निर्माण विभाग ने 5 देशरत्न मार्ग को मुख्यमंत्री आवास परिसर के विस्तारित हिस्से के रूप में चिन्हित करने वाली पुरानी अधिसूचना को निरस्त कर दिया है।
विभाग द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, मुख्यमंत्री आवास संख्या 1 अणे मार्ग में मरम्मत एवं रखरखाव कार्य के दौरान आवास संख्या 5 देशरत्न मार्ग को अस्थायी रूप से मुख्यमंत्री आवास के विस्तारित भाग के रूप में चिन्हित किया गया था। अब मरम्मत कार्य पूरा होने और प्रशासनिक आवश्यकताओं की समीक्षा के बाद इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 5 देशरत्न मार्ग को अब मुख्यमंत्री आवास का हिस्सा नहीं माना जाएगा। इसके साथ ही दोनों परिसरों को जोड़ने संबंधी पूर्व अधिसूचना भी प्रभावहीन हो गई है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बिहार में सरकारी आवासों के आवंटन को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi के सरकारी आवास को लेकर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। ऐसे में सरकार के इस निर्णय को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि सरकार की ओर से इसे पूरी तरह प्रशासनिक निर्णय बताया गया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।
बिहार की राजनीति और प्रशासन से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए पढ़ते रहिए — मिथिला हिन्दी न्यूज।