राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव इन दिनों अपनी बेटी रोहिणी आचार्य के पास सिंगापुर में हैं। इसी बीच पटना स्थित राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश कार्यालय के बाहर लगे एक पोस्टर ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।
आमतौर पर राजनीतिक दलों के कार्यालयों के बाहर लगाए जाने वाले पोस्टरों में पार्टी की उपलब्धियां, आगामी कार्यक्रम, नेताओं के संदेश या विरोधी दलों पर निशाना साधा जाता है। लेकिन इस बार सामने आए पोस्टर को लेकर अलग तरह की चर्चाएं हो रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा तेज है कि पोस्टर का संदेश कहीं न कहीं पार्टी के भीतर चल रही हलचलों और नेतृत्व से जुड़े सवालों की ओर इशारा करता दिखाई दे रहा है।
पोस्टर की सामग्री और उसमें दिए गए संदेश को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है। कई लोग इसे पार्टी के अंदरूनी समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा बता रहे हैं। हालांकि, राजद की ओर से इस पोस्टर को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
चूंकि लालू प्रसाद यादव फिलहाल देश से बाहर हैं, ऐसे समय में इस तरह के पोस्टर का सामने आना राजनीतिक रूप से और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्षी दल भी इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए हैं और इसे लेकर अपनी-अपनी राजनीतिक व्याख्या कर रहे हैं।
पोस्टर का वास्तविक संदेश और उसे लगाने वालों की मंशा क्या है, यह आने वाले दिनों में और स्पष्ट हो सकता है। फिलहाल इसने बिहार की राजनीति में चर्चा का नया विषय जरूर पैदा कर दिया है।
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