अरवल में दर्दनाक सड़क हादसा: नहर में गिरी तेज रफ्तार कार, पटना के चार युवकों की मौत, एक गंभीर

अरवल, बिहार। अरवल जिले में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। अरवल-पटना नहर रोड पर गांधी मैदान के समीप तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी, जिससे कार सवार चार युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, पटना के पांच युवक किसी विधायक से मुलाकात करने के बाद कार से पटना लौट रहे थे। इसी दौरान अरवल-पटना नहर रोड पर एक तीखे मोड़ के पास चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार की रफ्तार काफी अधिक थी। नियंत्रण बिगड़ते ही कार सीधे सड़क किनारे नहर में जा गिरी। दुर्घटना की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलने पर पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और गोताखोरों की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। नहर में डूबी कार को बाहर निकालने के लिए घंटों तक अभियान चलाना पड़ा। बचाव कार्य के दौरान कार के अंदर फंसे तीन युवकों के शव गोताखोरों की मदद से निकाले गए, जबकि चौथे युवक का शव बाद में क्रेन की सहायता से बाहर निकाला गया। कार चला रहे रोहित को स्थानीय लोगों ने किसी तरह बाहर निकाल लिया। गंभीर रूप से घायल रोहित को इलाज के लिए अरवल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। मृतकों में तीन युवकों की पहचान पटना के बिहटा निवासी रिशांक और मनोज तथा कंकड़बाग निवासी अमन के रूप में हुई है। चौथे मृतक की पहचान समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी थी। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां मातम का माहौल बन गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद सदर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। हालांकि पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है और घायल चालक के बयान के आधार पर भी मामले की पड़ताल की जाएगी। स्थानीय लोगों ने नहर रोड की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सड़क पर कई खतरनाक मोड़ हैं, लेकिन वहां पर्याप्त सुरक्षा बैरियर, चेतावनी संकेतक और प्रकाश व्यवस्था का अभाव है। लोगों ने संवेदनशील स्थानों पर तत्काल सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही के गंभीर परिणामों की याद दिलाता है। कुछ ही क्षणों की असावधानी ने चार युवाओं की जान ले ली और कई परिवारों को गहरे दुख में डुबो दिया। सड़क हादसों और बिहार की हर बड़ी खबर के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज।
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