जून में भारत का पाम ऑयल आयात 14 महीनों के निचले स्तर पर


नई दिल्ली। भारत में जून 2026 के दौरान पाम ऑयल का आयात पिछले 14 महीनों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। इसकी मुख्य वजह घरेलू बाजार में कमजोर मांग और अन्य खाद्य तेलों की तुलना में पाम ऑयल पर मिलने वाली मूल्य छूट का कम होना रही। परिणामस्वरूप खरीदारों ने पाम ऑयल की खरीदारी में कमी कर दी।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, पांच प्रमुख तेल कारोबारियों ने बताया कि पाम ऑयल की घटती खरीदारी का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी पड़ सकता है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा वेजिटेबल ऑयल आयातक देश है, इसलिए उसकी मांग में कमी आने से प्रमुख उत्पादक देशों इंडोनेशिया और मलेशिया में पाम ऑयल का स्टॉक बढ़ने की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते स्टॉक के कारण मलेशियाई पाम ऑयल फ्यूचर्स की बेंचमार्क कीमतों पर भी दबाव देखने को मिल सकता है।

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