2027 में पंचायत और नगर निकाय चुनाव साथ होंगे


बिहार में पंचायत व्यवस्था को नई दिशा देने वाला बड़ा फैसला सामने आया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य कैबिनेट ने पंचायत परिसीमन और पंचायतों के स्वयं के राजस्व स्रोत (OSR) को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। करीब 36 वर्षों से लंबित पंचायत परिसीमन को मंजूरी मिलने के बाद राज्यभर में पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है। इसे स्थानीय स्वशासन और ग्रामीण प्रशासन के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

सरकार के इस फैसले के बाद अब पंचायतों की सीमाओं का नए सिरे से निर्धारण किया जाएगा। परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने में लगभग एक वर्ष का समय लगने की संभावना है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि 2027 में होने वाले नगर निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं।

यदि परिसीमन तय समय पर पूरा हो जाता है, तो राज्य निर्वाचन आयोग दोनों चुनावों का कार्यक्रम एक साथ जारी कर सकता है। इससे प्रशासनिक खर्च में कमी आएगी, चुनावी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और मतदाताओं को भी सुविधा मिलेगी।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि पंचायत और नगर निकाय चुनाव एक साथ होने की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। फिलहाल यह संभावना परिसीमन की समयसीमा और चुनावी तैयारियों के आधार पर जताई जा रही है। अंतिम निर्णय राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार की अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगा।

यह फैसला बिहार की पंचायत व्यवस्था में लंबे समय से लंबित सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है और आने वाले समय में राज्य की स्थानीय राजनीति पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

— मिथिला हिंदी न्यूज़
संपादक: रोहित कुमार सोनू

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