पटना। बहुजन महापंचायत का प्रस्तावित आयोजन फिलहाल टल जाने को राज्य सरकार के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है। यह कार्यक्रम सरकार को समर्थन देने के नाम पर आयोजित किया जा रहा था, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसका राजनीतिक असर सरकार और विशेष रूप से भाजपा के मुख्यमंत्री पर पड़ सकता था।
चर्चा है कि बहुजन महापंचायत की आड़ में कुछ नेता राज्य में एक बार फिर अगड़े-पिछड़े की राजनीति को हवा देने की कोशिश कर रहे थे। इस संदर्भ में गोल्डेन दास और पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि के हालिया बयानों की भी चर्चा हो रही है, जिन्हें इस बहस से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, इस मुद्दे पर संबंधित नेताओं या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि महापंचायत के स्थगित होने से फिलहाल संभावित राजनीतिक विवाद टल गया है।