पंचायत चुनाव से पहले ग्राम पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया तेज, 10 सितंबर तक ईबी की चौहद्दी दर्ज करने का निर्देश

मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू
पंचायत चुनाव को लेकर बिहार में ग्राम पंचायतों के नए सिरे से परिसीमन की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर इन्यूमरेशन ब्लॉक यानी ईबी की चौहद्दी का विवरण मोबाइल एप पर दर्ज करने का निर्देश दिया है। संबंधित कर्मियों को यह काम 10 सितंबर 2026 तक पूरा करना होगा। परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ग्राम पंचायत और पंचायत प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का नए सिरे से निर्धारण किया जाएगा। पंचायती राज विभाग की अधिसूचना संख्या 10745, 20 जुलाई 2026 के आधार पर वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार ग्राम पंचायतों का नए सिरे से परिसीमन किया जाना है। परिसीमन के दौरान ग्राम पंचायत और पंचायत प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र की सीमा निर्धारित करते समय जनसंख्या और भौगोलिक क्षेत्र का यथासंभव समान वितरण किया जाएगा। जिला पंचायती राज पदाधिकारी रामजन्म पासवान ने बताया कि पंचायतों और वार्डों के परिसीमन के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से विशेष मोबाइल एप तैयार किया गया है। इसी एप के माध्यम से प्रत्येक इन्यूमरेशन ब्लॉक की चौहद्दी से संबंधित नौ बिंदुओं की जानकारी दर्ज की जाएगी। इसमें उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम, उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और केंद्र की जानकारी शामिल होगी। विभाग की ओर से वर्ष 2011 की जनगणना के इन्यूमरेशन ब्लॉक की जनसंख्या और चौहद्दी से संबंधित नक्शा उपलब्ध कराया गया है। संबंधित कर्मियों को परिसीमन मॉड्यूल के मॉनिटरिंग लॉगिन के माध्यम से नक्शा डाउनलोड कर आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके आधार पर प्रत्येक ईबी की वास्तविक भौगोलिक स्थिति और सीमा से जुड़ी जानकारी मोबाइल एप पर दर्ज की जाएगी। परिसीमन के काम को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से 25 अगस्त को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। प्रक्रिया को समझाने के लिए डेमो एप भी उपलब्ध कराया गया है। प्रशिक्षण के दौरान मोबाइल एप के माध्यम से चौहद्दी की प्रविष्टि और परिसीमन मॉड्यूल के संचालन की जानकारी दी गई। राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी पंचायत-सह-जिला दंडाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे अपने स्तर से सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों और संबंधित कर्मियों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के लिए निर्देशित करें। जिला पंचायती राज विभाग की ओर से भी निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी जरूरी प्रविष्टियां पूरी कराने की तैयारी की जा रही है। जिला पंचायती राज पदाधिकारी रामजन्म पासवान के अनुसार, वर्ष 1991 की जनगणना के आधार पर पंचायतों के पूर्व परिसीमन से संबंधित जानकारी पहले ही आयोग को भेजी जा चुकी है। अब वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ग्राम पंचायतों और पंचायत प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन की प्रक्रिया नए सिरे से आगे बढ़ाई जा रही है। मिथिला हिन्दी न्यूज संपादक: रोहित कुमार सोनू
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