खगोल विज्ञानियों और अंतरिक्ष में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए बुधवार, 12 अगस्त 2026 का दिन बेहद खास होने वाला है। इस दिन साल 2026 का आखिरी सूर्य ग्रहण लगेगा। पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा कुछ समय के लिए सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा, जिससे दिन में कुछ देर के लिए शाम जैसा अंधेरा दिखाई देगा।
इस पूर्ण सूर्य ग्रहण की छाया पूर्वी ग्रीनलैंड, पश्चिमी आइसलैंड और उत्तरी स्पेन के एक संकरे क्षेत्र से होकर गुजरेगी। ग्रहण की पूर्णता की अवधि करीब 2 मिनट 18 सेकंड होगी और इसकी अधिकतम पूर्णता आइसलैंड के पास समुद्र के ऊपर दिखाई देगी।
यह ग्रहण यूरोप के लिए भी खास माना जा रहा है। 2015 के बाद पहली बार यूरोप के बड़े हिस्से से पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा देखने को मिलेगा, जबकि मुख्य भूमि यूरोप में 1999 के बाद यह पहला पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। हालांकि, यूरोप के अधिकांश हिस्सों में पूर्ण ग्रहण के बजाय गहरा आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा।
स्पेन में भी ग्रहण का प्रभाव देखने को मिलेगा और उत्तरी स्पेन पूर्णता के मार्ग में शामिल रहेगा। वहीं अमेरिका समेत दुनिया के कुछ अन्य हिस्सों में भी ग्रहण का आंशिक प्रभाव देखा जा सकता है।
भारत में पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा। इसलिए बिहार समेत देश के अधिकांश हिस्सों में इस खगोलीय घटना का प्रत्यक्ष नजारा देखने को नहीं मिलेगा। सुरक्षित तरीके से ग्रहण देखने के लिए विशेष सोलर फिल्टर वाले चश्मे का इस्तेमाल करना जरूरी है।