बिहार में फ्लैट खरीदारों को बड़ी राहत, सितंबर 2026 से फिर शुरू हो सकता है जमीन का दाखिल-खारिज

मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू
बिहार में अपार्टमेंट के फ्लैट खरीदारों के लिए राहत की खबर है। करीब सवा साल से बंद पड़ी अपार्टमेंट के फ्लैटों की जमीन के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया एक बार फिर शुरू होने की संभावना है। माना जा रहा है कि सितंबर 2026 से नई व्यवस्था लागू हो सकती है। इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने विशेष सॉफ्टवेयर तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। जानकारी के अनुसार, सॉफ्टवेयर निर्माण का काम अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। विभाग का उद्देश्य फ्लैटों की जमीन के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को स्पष्ट, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सही बनाना है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद फ्लैट खरीदारों को अपनी जमीन का रिकॉर्ड अपने नाम कराने में आसानी होने की उम्मीद है। साथ ही फ्लैट की जमीन और स्वामित्व को लेकर भविष्य में होने वाले विवादों पर भी रोक लग सकती है। बिहार में अपार्टमेंट की जमीन को फ्लैटधारियों के नाम दाखिल-खारिज करने पर अप्रैल 2025 से रोक लगी हुई है। उस समय राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर अपार्टमेंट की जमीन का फ्लैटधारियों के नाम दाखिल-खारिज, नामांतरण और जमाबंदी सृजन की कार्रवाई तत्काल प्रभाव से रोकने को कहा था। इस रोक के कारण फ्लैट खरीद चुके लोगों को अपनी जमीन का रिकॉर्ड अपने नाम कराने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब विभाग ने इस समस्या के समाधान की दिशा में काम तेज कर दिया है और इसके लिए तकनीकी व्यवस्था तैयार की जा रही है। विभाग के अनुसार बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम 2011 और नियमावली 2012 में अपार्टमेंट की जमीन को सीधे फ्लैटधारियों के नाम दाखिल-खारिज करने की स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी। विभागीय सॉफ्टवेयर में भी इस तरह के मामलों के निपटारे के लिए जरूरी प्रावधान उपलब्ध नहीं था। इसी वजह से अलग-अलग अंचलों में अपार्टमेंट के फ्लैटों की जमीन के दाखिल-खारिज को लेकर अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे थे। इससे रिकॉर्ड में असमानता और विवाद की स्थिति पैदा होने की आशंका बनी रहती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद फ्लैटों की जमीन के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया एक समान और पारदर्शी तरीके से पूरी करने की कोशिश होगी। सॉफ्टवेयर में जरूरी प्रावधान किए जा रहे हैं, ताकि जमीन के रिकॉर्ड को तकनीकी रूप से सही तरीके से दर्ज किया जा सके। इस व्यवस्था से सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा, जिन्होंने अपार्टमेंट में फ्लैट खरीद लिया है लेकिन जमीन का दाखिल-खारिज अपने नाम नहीं करा पाए हैं। नई प्रक्रिया शुरू होने के बाद ऐसे खरीदारों को राहत मिलने की उम्मीद है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का उद्देश्य ऐसी तकनीकी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे फ्लैट की जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को स्पष्ट रखा जा सके और भविष्य में मिल्कियत को लेकर होने वाले विवादों को कम किया जा सके। सितंबर 2026 से प्रक्रिया शुरू होने की संभावना के बाद लंबे समय से इंतजार कर रहे फ्लैट खरीदारों को बड़ी राहत मिल सकती है। मिथिला हिन्दी न्यूज संपादक: रोहित कुमार सोनू
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