सावन के महीने में कांवड़ यात्रा को लेकर देशभर में श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। इसी बीच राजस्थान के दौसा से कांग्रेस सांसद मुरारी लाल मीणा का एक बयान सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
दरअसल, 9 अगस्त को दौसा के नांगल बैरसी गांव में बिरसा मुंडा की मूर्ति अनावरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में सांसद मुरारी लाल मीणा भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने आदिवासी दिवस मनाए जाने के महत्व पर अपनी बात रखी। साथ ही कांवड़ यात्रा को लेकर 12 से 16 साल की उम्र के बच्चों को लेकर भी अपनी राय जाहिर की।
‘किस उम्र में क्या करना चाहिए, यह पता होना चाहिए’
सांसद मीणा ने कहा कि 12 से 16 साल के छोटे-छोटे बच्चे कांवड़ लेकर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम ईश्वर को मानते हैं और ईश्वर को मानना भी चाहिए, लेकिन किस उम्र में क्या काम करना चाहिए, यह पता होना चाहिए और वही करना चाहिए।
उन्होंने आगे लोगों से अंधविश्वास के रास्ते पर नहीं चलने की अपील भी की। सांसद के इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग उनके बयान को बच्चों की उम्र और सुरक्षा से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे धार्मिक आस्था के संदर्भ में देख रहे हैं।
फिलहाल सांसद मुरारी लाल मीणा का यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।