रामपट्टी मंडल कारा में बंदी रौशन यादव की संदिग्ध मौत पर गरमाया मामला, प्रशांत किशोर ने परिजनों से की मुलाकात

मधुबनी के रामपट्टी मंडल कारा में बंदी रौशन यादव की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार को जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर बेनीपट्टी पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली। उन्होंने परिवार को निष्पक्ष जांच और न्याय का भरोसा दिलाया। 20 वर्षीय रौशन यादव की 10 अगस्त को जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। जेल प्रशासन की ओर से इसे आत्महत्या बताया गया है, जबकि मृतक के परिजनों ने हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि जेल में रौशन के साथ मारपीट की गई और गला दबाकर उसकी हत्या की गई। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। रौशन यादव रहिका थाना क्षेत्र के एक आर्म्स एक्ट मामले में मई महीने से रामपट्टी मंडल कारा में बंद था। जेल में उसकी मौत के बाद से ही परिजन लगातार मामले की जांच की मांग कर रहे हैं। परिजनों से मुलाकात के बाद प्रशांत किशोर उनके साथ मधुबनी एसएसपी योगेंद्र कुमार के कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने रौशन की मौत, जेल प्रशासन और रहिका थाना की भूमिका को लेकर एसएसपी से जानकारी ली। एसएसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि जेल में मौत होने के कारण मानवाधिकार आयोग की गाइडलाइन के अनुसार मामले की जांच की जा रही है। साथ ही रहिका थाना की कार्यशैली की भी जांच की जा रही है। एसएसपी ने जांच दस दिनों के भीतर पूरी करने का आश्वासन दिया है। मामले की मजिस्ट्रियल जांच भी चल रही है। अपर समाहर्ता बिरजू दास को जांच अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा न्यायिक अधिकारी भी मामले की जांच कर रहे हैं। प्रशांत किशोर ने कहा कि निष्पक्ष जांच के बाद ही रौशन यादव की मौत की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए।
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