शादी का झांसा देकर यौन शोषण के मामले में पंचायत कराने वालों की भी बढ़ सकती हैं मुश्किलें, पुलिस जांच में जुटी

समस्तीपुर: विभूतिपुर थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर युवती के कथित यौन शोषण और उसके गर्भवती होने के मामले में अब अवैध रूप से पंचायत कराने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस उन लोगों की पहचान भी कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर मामले को कानूनी प्रक्रिया से दूर रखते हुए पंचायत के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया। जानकारी के अनुसार, अपग्रेड मिडिल स्कूल बसौना में कार्यरत शिक्षक और योगाश्रम संचालक चंदन कुमार पर बीएड की पढ़ाई कर रही छात्रा को शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का आरोप है। बताया जाता है कि सिंघियाघाट में आयोजित एक योग शिविर के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। इसके बाद शिक्षक ने कथित तौर पर शादी का भरोसा देकर युवती का लगातार यौन शोषण किया। हाल ही में छात्रा के पेट में तेज दर्द होने पर परिजन उसे चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे। डॉक्टर की सलाह पर करायी गयी अल्ट्रासाउंड जांच में छात्रा के चार माह की गर्भवती होने की जानकारी सामने आयी। इसके बाद परिजनों को पूरे मामले की जानकारी हुई। आरोप है कि मामले की जानकारी मिलने के बाद कानूनी कार्रवाई करने के बजाय इसे पंचायत के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया गया। इसके लिए तीन दौर की पंचायत बुलाये जाने की बात सामने आयी है। पंचायत में आरोपी शिक्षक पर कथित तौर पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। बताया जाता है कि आरोपी ने पंचायत के फैसले को स्वीकार किया, लेकिन बाद में रकम देने से इनकार कर दिया। 14 अगस्त को पीड़िता की मां ने विभूतिपुर थाने में लिखित शिकायत दी। इसके बाद आरोपी की ओर से कथित तौर पर साढ़े छह लाख रुपये नकद दिए जाने और शेष साढ़े तीन लाख रुपये के एवज में कार पंचों के पास बंधक रखे जाने की बात सामने आयी है। पीड़िता की मां के आवेदन के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया और अदालत में धारा 164 के तहत उसका बयान भी दर्ज कराया है। मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर आरती कुमारी कर रही हैं। अनुसंधान के दौरान पुलिस उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने पंचायत बुलाने और मामले को पंचायत के जरिए निपटाने की कोशिश की थी। हालांकि, पीड़िता के परिजन फिलहाल पंचों के नाम बताने से बच रहे हैं। विभूतिपुर थानाध्यक्ष सुनील कुमार झा ने कहा कि यौन अपराध जैसे गंभीर मामलों में पंचायत के जरिए फैसला सुनाना या पीड़िता पर गर्भपात कराने अथवा किसी अन्य तरह का दबाव बनाना कानूनन उचित नहीं है। पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है और वरीय अधिकारियों के निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपी शिक्षक पर लगे आरोपों के साथ-साथ पंचायत में शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू
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