स्वतंत्रता दिवस पर CM सम्राट चौधरी के बड़े ऐलान, बिहार में 5 लाख करोड़ निवेश से लेकर 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान का लाभ

पटना: 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पटना के गांधी मैदान में आयोजित राजकीय समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास का रोडमैप पेश किया। मुख्यमंत्री ने उद्योग, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा को लेकर कई बड़े लक्ष्य और योजनाओं की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवंबर तक बिहार में करीब 5 लाख करोड़ रुपये का निजी निवेश लाने का लक्ष्य है। इसके लिए औद्योगिक नीति का विस्तार किया गया है और सेमीकंडक्टर तथा आईटी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां तैयार की गई हैं। राज्य में 100 से अधिक औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और बड़े पैमाने पर औद्योगिक जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है। सरकार ने बिहार में बनने वाले स्थानीय उत्पादों को भी प्राथमिकता देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार सरकारी खरीद में कम से कम 30 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दी जाएगी। स्टील प्लांट समेत कई औद्योगिक परियोजनाओं के लिए बड़े निवेश के एमओयू होने की बात भी उन्होंने कही। भूमिहीन गरीब परिवारों के लिए भी मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान किया। राज्य के 30 हजार भूमिहीन परिवारों को बासगीत पर्चा देने की बात कही गई है। वहीं राशन कार्ड से वंचित करीब एक करोड़ लोगों को राशन कार्ड से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले एक महीने में 30 लाख से अधिक लोगों को राशन कार्ड से जोड़ा जा चुका है। रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने राज्य के 3.25 करोड़ से अधिक परिवारों में कम से कम एक उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य रखा है। स्टार्टअप, उद्यमी योजना और लघु उद्यमी योजना के जरिए अब तक करीब 8 लाख लोगों को सहयोग मिलने की जानकारी मुख्यमंत्री ने दी। बिजली के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के परिवारों को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है। वहीं कृषि और उद्योग के लिए बिजली उपलब्धता बढ़ाने पर भी सरकार का जोर है। गन्ना किसानों के लिए भी मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा की। रामनगर की चीनी मिल शुरू होने के बाद अगले छह महीने में पांच और चीनी मिलों को शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। बिहार में कुल 25 चीनी मिल स्थापित करने की योजना बताई गई है। इससे गन्ना किसानों को बाजार मिलने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ने की उम्मीद है। स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार ने जिला अस्पतालों में 36 तरह के ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। 15 जिलों में मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने की योजना भी बताई गई। आयुष्मान भारत योजना के तहत करीब 10 करोड़ बिहारियों को लाभ देने का दावा मुख्यमंत्री ने किया। शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाने की घोषणा की गई है। वहीं 17 अगस्त से विद्यार्थी सहयोग पोर्टल शुरू करने की बात कही गई, जिसके जरिए छात्रों की शिकायतों का 30 दिनों के भीतर समाधान करने का लक्ष्य है। सिंचाई के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में सिंचित क्षेत्र का दायरा वर्ष 2005 के करीब 21 लाख हेक्टेयर से बढ़कर अब 44 लाख हेक्टेयर हो गया है। कोसी-मेची लिंक परियोजना सहित कई योजनाओं के जरिए सिंचाई का दायरा और बढ़ाने की तैयारी है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पटना में हेलीकॉप्टर सेवा शुरू किए जाने की जानकारी दी गई। राजगीर, वाल्मीकिनगर, कैमूर और सासाराम जैसे पर्यटन स्थलों को भी हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ने की योजना है। धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में सीतामढ़ी में करीब 1000 करोड़ रुपये की लागत से मां सीता का भव्य मंदिर बनाने की योजना का भी मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया। इसके अलावा बोधगया और विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर के विकास तथा विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में काम करने की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य बिहार को सुरक्षित, समृद्ध और विकसित राज्य बनाना है। स्वतंत्रता दिवस के मंच से घोषित इन योजनाओं में उद्योग और निवेश के साथ रोजगार, किसान, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और पर्यटन को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
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