बिहार के बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को मिली करारी हार के बाद पार्टी ने संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी ने प्रदेश से लेकर पंचायत स्तर तक की सभी सांगठनिक कमेटियों को भंग कर दिया है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव नई टीम में किन चेहरों को मौका देते हैं और संगठन की कमान किस तरह तय करते हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नई टीम के गठन में तेजस्वी यादव अनुभव और युवा ऊर्जा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर सकते हैं। संगठन में वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ युवाओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है।
पुराने और भरोसेमंद चेहरों पर भी दांव
बताया जा रहा है कि लालू प्रसाद यादव के पुराने और करीबी नेताओं को नई संगठनात्मक टीम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। पार्टी के मुश्किल दौर में मजबूती से साथ खड़े रहे वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का इस्तेमाल संगठन को दोबारा मजबूत करने के लिए किया जाएगा।
वहीं, युवा नेताओं को संगठन में अधिक भूमिका देकर पार्टी को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने की रणनीति भी अपनाई जा सकती है। खासकर पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर ऐसे नेताओं को आगे लाने की कोशिश होगी, जिनकी क्षेत्र में मजबूत पकड़ हो।
हार के बाद संगठन में बदलाव क्यों?
बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे ने RJD के सामने संगठन की मजबूती को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में कमेटियों को भंग करने के बाद अब नई टीम के गठन को पार्टी के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि तेजस्वी यादव पुराने चेहरों पर भरोसा जताते हैं या बड़े पैमाने पर नए नेताओं को संगठन में जगह देकर नई शुरुआत करते हैं।