बिहार में गंगा का रौद्र रूप, 20 लोगों की मौत; 12 जिलों में अलर्ट

पटना: बिहार में गंगा, कोसी और गंडक समेत कई नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के कई जिलों में बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है। अलग-अलग जिलों में बाढ़ के पानी में डूबने से अब तक 20 लोगों की मौत की सूचना है। मृतकों में सारण के पांच, पटना के चार, भोजपुर के तीन, वैशाली और भागलपुर के दो-दो तथा बेगूसराय, पूर्णिया, लखीसराय और जमुई के एक-एक लोग शामिल हैं। पटना के पुनपुन प्रखंड में एक मासूम बच्ची समेत तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि मनेर में भी एक व्यक्ति की जान गई है। सारण जिले के दरियापुर की मुजौना पंचायत के सेमरहिया के पास माही नदी का बांध टूटने से कई गांवों में पानी फैल गया है। मांझी के इमादपुर वीन टोलिया के पास दाहा नदी का रिंग बांध टूटने से भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। हाजीपुर शहर के निचले इलाकों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है और लोगों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। मुंगेर और भागलपुर में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। भागलपुर में स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक बनी हुई है। अकबरनगर के भवनाथपुर के पास एनएच-80 पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है, जबकि श्रीरामपुर रिंग बांध टूटने से आसपास के इलाकों में पानी फैल गया है। पटना में भी गंगा ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर वर्ष 2016 के पिछले रिकॉर्ड से ऊपर पहुंच चुका है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार पटना समेत 12 जिलों में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं तथा बड़ी संख्या में नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जल संसाधन विभाग के विशेषज्ञों के मुताबिक गांधी घाट पर गंगा के उच्चतम बाढ़ स्तर को पार करने के बाद पानी का दबाव डाउनस्ट्रीम इलाकों में बढ़ सकता है। इसका असर हथीदह के साथ-साथ बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार के गंगा किनारे वाले क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। अधिकारियों को इन इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। वहीं सोन नदी के इंद्रपुरी बराज से पानी के डिस्चार्ज में कमी आई है, जबकि कोसी नदी के वीरपुर बराज से डिस्चार्ज बढ़ा है। गंडक के वाल्मीकिनगर बराज से भी बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में नदी किनारे बसे इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर और कम्युनिटी किचन संचालित किए हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और भोजन तथा आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने का काम जारी है। मिथिला हिन्दी न्यूज संपादक: रोहित कुमार सोनू
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