नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र अगले 48 घंटों के दौरान डिप्रेशन और उसके बाद डीप डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके प्रभाव से पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
22 सितंबर को ओडिशा में बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। IMD के अनुसार 23 और 24 सितंबर को ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है, जबकि 25 सितंबर को फिर बहुत भारी बारिश का अनुमान है। ऐसे में ओडिशा के लोगों को मौसम विभाग के स्थानीय अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
तटीय आंध्र प्रदेश में भी 22 सितंबर को बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और आंधी की संभावना जताई गई है। 23 और 24 सितंबर को यहां अत्यंत भारी बारिश के साथ तेज सतही हवाओं की चेतावनी है। रायलसीमा में भी 22 सितंबर को गरज-चमक और तेज सतही हवाओं की संभावना बताई गई है।
वहीं, झारखंड में 22 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आंधी की चेतावनी है। IMD ने 23 सितंबर को भी भारी बारिश और 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्र और सिक्किम में भी 22 सितंबर को गरज-चमक और आंधी की संभावना है। इसके बाद 23 सितंबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ने तथा 25 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।
हालांकि, 21 सितंबर को जारी IMD के सब-डिविजन वार्निंग के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 22 सितंबर के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसलिए यूपी में 22 सितंबर को मूसलाधार बारिश या 80 किलोमीटर प्रति घंटे की आंधी की बात को पूरे राज्य के लिए IMD की आधिकारिक चेतावनी के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा। आने वाले दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 सितंबर से मौसम सक्रिय होने की संभावना जरूर दिखाई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के मजबूत होने के कारण अगले कुछ दिनों में पूर्वी भारत के मौसम पर इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। ऐसे मौसम में आंधी के दौरान पेड़, बिजली के खंभे या कमजोर संरचनाओं के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना और स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना जरूरी है।
मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। इसलिए किसी भी यात्रा से पहले अपने जिले का ताजा मौसम अपडेट और IMD की स्थानीय चेतावनी जरूर देख लें।
मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू
संपादक: रोहित कुमार सोनू