25 सितंबर, शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा और व्रत का विशेष महत्व माना गया है। अनंत चतुर्दशी को अनंत चौदस के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व हर वर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है।
मान्यता है कि अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है। पूजा के दौरान 14 गांठों वाला अनंत सूत्र बांधने की परंपरा है। यह सूत्र रक्षा, सुख-समृद्धि और भगवान विष्णु के प्रति श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है।
अनंत चतुर्दशी की पूजा विधि
सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल को साफ करें। भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद भगवान विष्णु को पीले फूल, फल, धूप, दीप, नैवेद्य और तुलसी अर्पित करें। पूजा के दौरान भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें और अनंत चतुर्दशी की व्रत कथा सुनें।
पूजा में 14 गांठों वाला अनंत सूत्र विशेष माना जाता है। इसे भगवान विष्णु को अर्पित करने के बाद श्रद्धापूर्वक धारण किया जाता है। मान्यता के अनुसार पुरुष इसे दाहिने हाथ में और महिलाएं बाएं हाथ में बांधती हैं। हालांकि, क्षेत्र और परिवार की परंपरा के अनुसार विधि अलग हो सकती है।
अनंत चतुर्दशी की छोटी कथा
पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की आराधना और अनंत सूत्र धारण करने से व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों से रक्षा और जीवन में स्थिरता प्राप्त होती है। अनंत चतुर्दशी की कथा में भगवान विष्णु की भक्ति और उनके प्रति श्रद्धा को विशेष महत्व दिया गया है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर कथा सुनते हैं और भगवान विष्णु से सुख-शांति की प्रार्थना करते हैं।
अनंत चतुर्दशी के सरल उपाय
लोक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करना शुभ माना जाता है। पूजा में तुलसी दल अर्पित करें, जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन या अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करें और घर में साफ-सफाई रखें। किसी भी बड़े आर्थिक निर्णय या निवेश से पहले आवश्यक कागजात को अच्छी तरह पढ़ना और समझना भी व्यावहारिक रूप से लाभदायक है।
25 सितंबर का राशिफल संकेत
25 सितंबर को कन्या राशि में सूर्य और बुध की स्थिति काम को समझने, योजनाओं पर ध्यान देने और बारीकियों को देखने की प्रवृत्ति बढ़ाने वाली मानी जा रही है। कुंभ राशि का चंद्रमा स्वतंत्र सोच को बढ़ावा दे सकता है। वहीं कर्क राशि में मंगल की स्थिति के कारण कुछ लोगों को अधीरता या भावनात्मक प्रतिक्रिया का अनुभव हो सकता है। ऐसे में बातचीत और महत्वपूर्ण फैसलों में संयम रखना बेहतर रहेगा।
पैसों के मामले में नियम बनाकर चलना और अनावश्यक खर्च से बचना उपयोगी रहेगा। कहीं भी निवेश करने या कोई बड़ा आर्थिक फैसला लेने से पहले सभी शर्तों और दस्तावेजों को ध्यानपूर्वक पढ़ें।