30 दिन की वैलिडिटी मिली, लेकिन ₹20 ज्यादा! फिर इसे कंज्यूमर की जीत कैसे कहें?


मोबाइल रिचार्ज की वैलिडिटी को लेकर लंबे समय से उपभोक्ताओं के बीच सवाल उठते रहे हैं। 28 दिन वाले रिचार्ज को लेकर यह तर्क दिया जाता रहा है कि 28-28 दिन के अंतराल पर रिचार्ज कराने से उपभोक्ता को साल में 12 के बजाय लगभग 13 बार रिचार्ज करना पड़ सकता है। इसी मुद्दे को लेकर संसद में भी सवाल उठाए गए थे।

TRAI ने उपभोक्ताओं के लिए 30 दिन की वैलिडिटी वाला प्लान और हर महीने उसी तारीख पर नवीनीकरण की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान किया है। TRAI के मुताबिक प्रत्येक सेवा प्रदाता को कम से कम एक 30-दिन का प्लान और एक ऐसा प्लान उपलब्ध कराना है, जो हर महीने उसी तारीख को रिन्यू हो।

अब सवाल यह है कि क्या केवल वैलिडिटी बढ़ जाने को ही उपभोक्ता की जीत माना जाए?

उदाहरण के तौर पर Jio का ₹299 वाला प्लान बिहार-झारखंड क्षेत्र में 28 दिन की वैलिडिटी के साथ उपलब्ध बताया जा रहा है, जबकि Jio का ₹319 प्लान कैलेंडर-मंथ वैलिडिटी देता है और हर महीने उसी तारीख को रिन्यू होता है।

यानी उपभोक्ता को एक तरफ ₹299 के मुकाबले ₹20 ज्यादा यानी ₹319 खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन दूसरी तरफ उसे हर 28 दिन में रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं रहती।

यहीं पर सालाना खर्च का हिसाब महत्वपूर्ण हो जाता है। यदि ₹299 का 28-दिन वाला प्लान लगातार पूरे साल लिया जाए तो 365 दिनों में लगभग 13 रिचार्ज की जरूरत पड़ सकती है। इसका खर्च करीब ₹3,887 से ₹3,898 के आसपास बैठ सकता है, जबकि ₹319 के मासिक प्लान में 12 रिचार्ज का खर्च ₹3,828 होगा।

इस हिसाब से केवल प्रति-रिचार्ज कीमत देखने पर ₹319 महंगा दिखाई देता है, लेकिन पूरे साल का खर्च देखने पर मासिक प्लान सस्ता भी पड़ सकता है। साथ ही, समान तारीख पर रिचार्ज होने से उपभोक्ता के लिए रिन्यूअल की तारीख याद रखना आसान हो जाता है। Jio भी ₹319 प्लान को इसी तरह कैलेंडर-मंथ वैलिडिटी और समान तारीख पर रिन्यू होने वाला प्लान बताता है।

इसलिए असली सवाल यह नहीं है कि ₹299 से ₹319 क्यों हुआ, बल्कि यह है कि उपभोक्ता को पूरे साल में कुल कितने रुपये खर्च करने पड़ते हैं और बदले में कितनी वैलिडिटी व सुविधाएं मिलती हैं।

TRAI खुद स्पष्ट करता है कि वह सामान्य मोबाइल टैरिफ की कीमत तय नहीं करता; टेलीकॉम कंपनियां अलग-अलग कीमत, वैलिडिटी और सुविधाओं वाले प्लान पेश कर सकती हैं।

यानी 30 दिन या कैलेंडर-मंथ की वैलिडिटी उपभोक्ता के लिए सुविधा जरूर है, लेकिन “कंज्यूमर की जीत” का आकलन केवल रिचार्ज की कीमत देखकर नहीं, बल्कि पूरे साल की कुल लागत, वैलिडिटी और मिलने वाली सुविधाओं को साथ रखकर करना चाहिए।

मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू संपादक: रोहित कुमार सोनू

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