मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू
बिहार के औरंगाबाद जिले के बारुण में उस समय लोगों की नजरें सड़क पर थम गईं, जब वहां 308 पहियों वाला एक विशालकाय ट्रक पहुंचा। असामान्य आकार और भारी-भरकम संरचना वाले इस ट्रक को देखने के लिए आसपास के लोगों में कौतूहल का माहौल बन गया। ट्रक पर करीब 200 टन वजनी 'शुगर मिल वेसल' लदा हुआ था, जिसे उत्तर प्रदेश के बलरामपुर स्थित एक चीनी मिल तक पहुंचाया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार यह भारी उपकरण बेल्जियम से समुद्री मार्ग के जरिए ओडिशा पहुंचा था। इसके बाद इसे विशेष प्रकार के ओवर डायमेंशनल कंसाइनमेंट (ODC) के रूप में सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा है। सामान्य ट्रकों की तुलना में इसकी लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई काफी अधिक होने के कारण रास्ते में कई तकनीकी चुनौतियां सामने आईं।
बारुण में पहुंचने के बाद सबसे बड़ी चुनौती रेलवे ओवरब्रिज के नीचे से इस विशालकाय वाहन को सुरक्षित निकालने की थी। अत्यधिक ऊंचाई के कारण ट्रक सीधे ओवरब्रिज के नीचे से नहीं निकल पा रहा था। इसके बाद रेलवे और तकनीकी टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और ट्रक को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष इंतजाम किए।
वाहन को रास्ता देने के लिए स्पेशल सर्विस लेन तैयार करने और बिजली के तारों को हटाने जैसे तकनीकी कार्य किए गए। पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया, क्योंकि ट्रक पर लदा उपकरण बेहद भारी और महंगा था। इतने बड़े वाहन और 200 टन वजनी उपकरण के सड़क मार्ग से गुजरने की वजह से स्थानीय लोगों में भी इसे देखने को लेकर काफी उत्सुकता रही।
308 पहियों वाले इस विशाल ट्रक की तस्वीरें और इसके आकार को देखकर लोग हैरान नजर आए। यह पूरा परिवहन अभियान इस बात का उदाहरण है कि भारी औद्योगिक मशीनरी और बड़े आकार के उपकरणों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए किस तरह विशेष वाहनों, तकनीकी विशेषज्ञों और पहले से तैयार किए गए मार्ग की आवश्यकता होती है।
मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू