मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू, संपादक
बिहार में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने नई रणनीति तैयार की है। राज्य में पुलिस प्रशासन को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से एडीजी से लेकर डीआईजी स्तर तक के 36 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को 40 पुलिस जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस नई व्यवस्था के तहत वरिष्ठ अधिकारियों को जिलों में पुलिसिंग की स्थिति पर सीधी नजर रखनी होगी और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे।
पुलिस मुख्यालय की ओर से तैयार की गई इस रणनीति के तहत वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है। एडीजी (विधि व्यवस्था) केएस अनुपम को पटना का नोडल अधिकारी बनाया गया है, जबकि एडीजी (बी-सैप) नैय्यर हसनैन खान को मुजफ्फरपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन अधिकारियों को अपने-अपने आवंटित जिलों में पुलिस व्यवस्था की नियमित निगरानी करनी होगी।
नई व्यवस्था के तहत अधिकारियों को केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं रहना होगा, बल्कि धरातल पर उतरकर थानों की कार्यप्रणाली, पुलिस गश्त और लंबित मामलों के निष्पादन की समीक्षा करनी होगी। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों की कार्यशैली और आम लोगों की शिकायतों के निपटारे पर भी नजर रखी जाएगी, ताकि पुलिस व्यवस्था को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाया जा सके।
पुलिस मुख्यालय की इस पहल का उद्देश्य जिलों में अपराध नियंत्रण की स्थिति का आकलन करना, पुलिस की जवाबदेही बढ़ाना और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों का समय रहते समाधान करना है। वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी निगरानी से थानों के कामकाज में सुधार लाने और पुलिस प्रशासन को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू, संपादक
👁️ अब तक पढ़ा गया:
बार