बागमती नदी के कटाव से भरथी गांव में दहशत, एक दर्जन परिवार बेघर होने की कगार पर

सीतामढ़ी: जिले के रुन्नीसैदपुर प्रखंड अंतर्गत तिलकताजपुर पंचायत के भरथी गांव में बागमती नदी का कटाव लगातार विकराल होता जा रहा है। नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर के बीच तेज कटाव से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। कटाव के कारण करीब एक दर्जन परिवारों के घरों पर खतरा मंडरा रहा है और कई परिवार बेघर होने की कगार पर पहुंच गए हैं। भरथी गांव बागमती नदी के दोनों तटबंधों के बीच बसा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, तटबंध निर्माण के करीब चार दशक बीत जाने के बावजूद गांव का अब तक पुनर्वास नहीं हो सका है। हर वर्ष बाढ़ के दौरान ग्रामीणों को नदी के तेज बहाव और कटाव का सामना करना पड़ता है। इस बार भी नदी के बढ़ते कटाव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में नदी के पूर्वी छोर पर मधुरेंद्र कुमार सिंह, अमरेंद्र कुमार सिंह, विपुल सिंह और अशर्फी सिंह के घर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं पश्चिमी छोर पर बजरंगी सिंह, रणधीर सिंह और नीलमणि कुमार के घर भी कटाव की चपेट में आ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई घर अब नदी में समाने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। कटाव की चपेट में आने से गांव का प्रसिद्ध राम जानकी मंदिर भी ध्वस्त हो चुका है। मंदिर के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों में काफी आक्रोश और मायूसी है। बागमती नदी के दोनों तटबंधों के बीच बसे इस गांव में बरसात के दौरान आवागमन की स्थिति भी बेहद कठिन हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, बाढ़ के समय नाव ही आवागमन का प्रमुख साधन रह जाता है। एक ओर बाढ़ का खतरा और दूसरी ओर लगातार हो रहे कटाव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। प्रभावित परिवार सुरक्षित स्थान की तलाश में हैं। मामले को लेकर अंचल अधिकारी संतोष कुमार सिंह ने कहा कि नदी के कटाव से घरों के क्षतिग्रस्त होने की आधिकारिक सूचना अभी तक उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही स्थल का निरीक्षण कराया जाएगा। जांच के बाद प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी। मिथिला हिन्दी न्यूज संपादक: रोहित कुमार सोनू
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