रोसड़ा स्वर्णकार समाज की ‘राजमाता’ राधा देवी का निधन, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई

समस्तीपुर: रोसड़ा स्वर्णकार समाज में ‘राजमाता’ के नाम से विख्यात ढाव मोहल्ला निवासी राधा देवी का 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे रोसड़ा शहर और स्वर्णकार समाज में शोक की लहर दौड़ गई। शनिवार को स्थानीय मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। राधा देवी की अंतिम यात्रा में सैकड़ों की संख्या में शहरवासी, स्वर्ण व्यवसायी, समाज के गणमान्य लोग और शुभचिंतक शामिल हुए। उनके छोटे पुत्र डॉ. सुजीत कुमार ठाकुर उर्फ मुन्ना ने उन्हें मुखाग्नि दी। बताया गया कि पिछले कुछ वर्षों से राधा देवी अपने मझले पुत्र प्रदीप ठाकुर के साथ बेंगलुरु में रह रही थीं। निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर वायु एंबुलेंस से पटना लाया गया और वहां से रोसड़ा लाया गया। राधा देवी के पति स्वर्गीय रामविलास ठाकुर मिथिला क्षेत्र के प्रमुख स्वर्ण व्यवसायियों में शुमार थे। उनके प्रयासों से रोसड़ा के स्वर्ण व्यवसाय को एक अलग पहचान मिली थी। राधा देवी भी सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहती थीं। वह धर्मपरायण, सरल स्वभाव और मिलनसार महिला के रूप में जानी जाती थीं। समाज की महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के साथ-साथ जरूरतमंद और गरीब लोगों की सहायता में भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनके निधन की खबर के बाद बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर पहुंचे। शहर के स्वर्ण व्यवसायियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, गणमान्य नागरिकों और शुभचिंतकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ से उनके प्रति लोगों के सम्मान और समाज में उनकी प्रतिष्ठा का अंदाजा लगाया जा सकता है। राधा देवी के निधन को स्वर्णकार समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है। लोगों ने कहा कि उन्होंने अपने व्यवहार, सामाजिक सेवा और जरूरतमंदों की मदद के जरिए समाज में एक अलग पहचान बनाई थी। उनके निधन से परिवार के साथ-साथ रोसड़ा के सामाजिक और स्वर्णकार समाज में भी गहरा शोक है। मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू
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