राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर केंद्र की बीजेपी-एनडीए सरकार पर निशाना साधते हुए बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य का मुद्दा उठाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सरकार की रोजगार नीतियों को लेकर सवाल खड़े किए। यह बयान 28 सितंबर 2026 को सामने आया।
रोहिणी आचार्य ने पोस्ट में लिखा, “जुमलों की सरकार, बेरोजगार युवा लाचार; डिग्रियां हाथ में, मगर भविष्य अंधकार।” उन्होंने दावा किया कि 25 वर्ष से कम उम्र के करीब 40 प्रतिशत स्नातक बेरोजगार हैं और रोजगार सृजन, मेक इन इंडिया तथा स्टार्टअप को लेकर सरकार के दावों पर भी सवाल उठाए।
उपलब्ध 2026 की एक रिपोर्ट में भी 15 से 25 वर्ष आयु वर्ग के स्नातकों में करीब 40 प्रतिशत के बेरोजगार होने का आंकड़ा प्रस्तुत किया गया है। हालांकि, यह आंकड़ा एक विशिष्ट श्रम-बाजार परिभाषा और सर्वेक्षण पद्धति पर आधारित है, इसलिए इसे पूरे युवा वर्ग की बेरोजगारी दर के समान नहीं माना जाना चाहिए।
रोहिणी आचार्य ने युवाओं को रोजगार के बजाय अलग-अलग तरह की नसीहतें दिए जाने का आरोप लगाते हुए सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि यदि देश का युवा ही रोजगार के लिए संघर्ष कर रहा है तो विकास के दावों का क्या अर्थ है।
प्रवेश वर्मा को लेकर भी साधा निशाना
रोहिणी आचार्य ने दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश सिंह वर्मा से जुड़े हालिया वायरल वीडियो को लेकर भी टिप्पणी की। रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली में सड़क निरीक्षण के दौरान एक व्यक्ति को थप्पड़ मारने का वीडियो सामने आया था। प्रवेश वर्मा ने बाद में कहा कि वीडियो में घटना का पूरा संदर्भ नहीं दिखाया गया है और संबंधित व्यक्ति पर उनके परिवार को लेकर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया।
रोहिणी आचार्य ने इस घटना को लेकर भाजपा और प्रवेश वर्मा पर राजनीतिक हमला बोला और इसे सत्ता के रवैये से जोड़कर टिप्पणी की। उनके बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रिया आने की संभावना बनी हुई है।