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गंगा का जलस्तर बढ़ने से पटना के बिंद गांव में घुसा पानी, जेपी गंगा पथ पर शरण ले रहे लोग
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September 04, 2026
पटना। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से पटना के जेपी गंगा पथ के किनारे बसे बिंद गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। गांव की गलियों और घरों के आसपास पानी भरने के बाद कई परिवार अपना घर छोड़कर जेपी गंगा पथ पर शरण लेने को मजबूर हैं। सड़क किनारे तिरपाल लगाकर लोगों ने अस्थायी ठिकाने बना लिए हैं, जहां बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और मवेशी रहने को मजबूर हैं।
बाढ़ प्रभावित लोग घर से फ्रिज, पंखा, बिस्तर और अन्य जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थान पर ला रहे हैं। गांव की गलियों में पानी भर जाने के कारण कई जगह नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अचानक बढ़े पानी ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के लिए वाटर टैंकर की व्यवस्था की गई है। टैंकर पहुंचते ही लोग बाल्टी और अन्य बर्तन लेकर पानी भरने के लिए कतार में लग जाते हैं। हालांकि, फिलहाल प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था नहीं होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
जेपी गंगा पथ के दोनों ओर इस समय पानी का विस्तार दिखाई दे रहा है। दियारा क्षेत्र में रहने वाले परिवारों की स्थिति भी गंभीर है। कई घर पानी में डूब चुके हैं, जबकि खेतों में पानी भर जाने से किसानों की फसल प्रभावित हुई है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर पटना के घाटों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। गांधी घाट यानी एनआईटी घाट पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। सामान्य दिनों में जहां लोग गंगा किनारे घूमते और बैठते थे, वहां अब पानी ही पानी नजर आ रहा है। गंगा का पानी एनआईटी पटना के गेट के करीब पहुंचने की स्थिति में है।
दरभंगा हाउस के पास स्थित काली घाट भी जलमग्न हो गया है। पानी दरभंगा हाउस की दीवार तक पहुंच चुका है। गंगा का पानी शहर के कई हिस्सों में बेहद करीब पहुंचने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।
वहीं जेपी सेतु से जेपी गंगा पथ की ओर देखने पर गंगा का विशाल जलक्षेत्र और उसके बीच बनी सड़क का दृश्य आकर्षक नजर आता है। एक ओर पटना शहर और दूसरी ओर फैला गंगा का पानी इस पूरे इलाके को अलग रूप दे रहा है। लेकिन इसी खूबसूरत दृश्य के पीछे बाढ़ प्रभावित परिवारों की मुश्किलें भी साफ दिखाई दे रही हैं।
गंगा के बढ़ते जलस्तर ने पटना के पुराने दिनों की याद भी ताजा कर दी है। कभी महेंद्रू और गायघाट जैसे घाटों तक नाव और जहाज पहुंचते थे और गंगा पटना के जनजीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हुआ करती थी। समय के साथ शहर का विस्तार हुआ और नदी मुख्य शहर से दूर होती चली गई। अब बढ़ते जलस्तर के कारण गंगा फिर से शहर के कई हिस्सों के बेहद करीब पहुंच गई है।
मिथिला हिन्दी न्यूज
संपादक: रोहित कुमार सोनू
