बिहार MLC चुनाव में प्रशांत किशोर का ‘युवा और रोजगार’ दांव, जन सुराज ने पांच सीटों पर उतारे उम्मीदवार, शिक्षक-स्नातक मतदाताओं के बीच नए विकल्प की कोशिश


बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जन सुराज पार्टी ने पांच सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने 20 सितंबर को पांच प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की। इनमें दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एसपी राय, दरभंगा स्नातक से रवींद्र यादव, सारण शिक्षक से अफाक अहमद, पटना शिक्षक से डॉ. दिव्या ज्योति और कोसी स्नातक से डॉ. रजनीश रंजन शामिल हैं। बाकी तीन सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा बाद में किए जाने की बात कही गई थी।

इन आठ सीटों पर होने वाला चुनाव सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग है। बिहार में चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदान होना है। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 23 अक्टूबर 2026 को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ इन निर्वाचन क्षेत्रों में आचार संहिता भी लागू हो गई है।

जन सुराज की रणनीति में युवाओं, रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुख स्थान मिलता दिखाई दे रहा है। प्रशांत किशोर ने एमएलसी चुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा के दौरान शिक्षकों की समस्याओं, वेतनमान और नियुक्ति जैसे विषयों को उठाया। पार्टी ने उन क्षेत्रों में जीत की स्थिति में शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार से जुड़े वादे भी सामने रखे हैं। रिपोर्टों के अनुसार किशोर ने ऐसे निर्वाचन क्षेत्रों में 10 हजार नौकरियां देने की बात कही है, जहां उनकी पार्टी जीत दर्ज करती है।

जन सुराज के पांच उम्मीदवारों की सूची पर नजर डालें तो पार्टी ने शिक्षक और स्नातक दोनों वर्गों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। दरभंगा शिक्षक सीट से एसपी राय और दरभंगा स्नातक सीट से रवींद्र यादव को मैदान में उतारा गया है। वहीं सारण शिक्षक सीट से अफाक अहमद को दोबारा मौका दिया गया है। अफाक अहमद पहले भी इसी निर्वाचन क्षेत्र से जीत चुके हैं और इस बार जन सुराज ने उन्हें फिर उम्मीदवार बनाया है।

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. दिव्या ज्योति को उम्मीदवार बनाया गया है। वह हाल ही में जन सुराज से जुड़ी थीं। इस सीट का प्रतिनिधित्व फिलहाल जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार कर रहे हैं। दूसरी ओर कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. रजनीश रंजन को प्रत्याशी बनाया गया है।

प्रशांत किशोर की ओर से शिक्षक समुदाय को एक साझा मंच पर लाने की बात भी कही गई है। जन सुराज ने शिक्षक समुदाय की नियुक्ति, वेतनमान और प्रशासनिक समस्याओं जैसे मुद्दों को चुनावी चर्चा में प्रमुखता दी है। पार्टी की ओर से शिक्षकों की समस्याओं को लेकर संघर्ष समिति बनाने का आह्वान भी किया गया है।

इस चुनाव में जन सुराज के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती यह भी है कि विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों का मतदाता आधार सामान्य विधानसभा सीटों से अलग होता है। यहां शिक्षक और पंजीकृत स्नातक मतदाता सीधे चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। इसलिए जन सुराज को अपने घोषित मुद्दों को इन विशेष मतदाता समूहों तक पहुंचाने और अपने उम्मीदवारों के पक्ष में संगठन खड़ा करने पर ध्यान देना होगा।

फिलहाल जन सुराज ने आठ में से पांच सीटों पर अपने पत्ते खोल दिए हैं। तिरहुत शिक्षक, तिरहुत स्नातक और पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए पार्टी के उम्मीदवारों की घोषणा बाकी थी। जैसे-जैसे बाकी उम्मीदवारों के नाम सामने आएंगे, आठों सीटों पर मुकाबले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

बिहार की राजनीति में जन सुराज का यह प्रयोग इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पार्टी ने विधानसभा चुनाव के बाद अब विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में अपना आधार बनाने की कोशिश शुरू की है। इन सीटों पर पार्टी का मुख्य संदेश रोजगार, शिक्षा और शिक्षकों से जुड़े सवालों के इर्द-गिर्द दिखाई दे रहा है। हालांकि, चुनाव में इसका कितना प्रभाव पड़ेगा, यह 23 अक्टूबर के मतदान और 27 अक्टूबर की मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।

मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू

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