अनुशासनहीनता के आरोप में अनंत सिंह पर जदयू का बड़ा हमला, पार्टी ने निष्कासन को बताया उचित फैसला

मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू
पटना: जनता दल (यू) के प्रदेश प्रवक्ता चंदन कुमार सिंह ने मोकामा के विधायक अनंत सिंह के पार्टी से निष्कासन के फैसले को पूरी तरह उचित ठहराया है। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह ने दलीय अनुशासनहीनता की सभी सीमाएं पार कर दी थीं। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ लगातार बयानबाजी करना और विपक्षी उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करना संगठन के नियमों के विरुद्ध है। ऐसे में पार्टी ने दलहित को ध्यान में रखते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की है। चंदन कुमार सिंह ने कहा कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू के अधिकृत प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ अनंत सिंह लगातार बयान दे रहे थे। इतना ही नहीं, उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में जाकर विपक्षी दल के उम्मीदवार के पक्ष में वोट भी मांगे। उन्होंने आरोप लगाया कि अनंत सिंह की इन गतिविधियों से पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया, जिसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। जदयू प्रवक्ता के अनुसार, पार्टी नेतृत्व ने अनंत सिंह को बैठक में बुलाकर कई बार समझाने की कोशिश की थी। उन्हें दलीय हित में काम करने और संगठन की मर्यादा का पालन करने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद उन्होंने पार्टी नेतृत्व की बातों को नजरअंदाज करते हुए पार्टी विरोधी गतिविधियां जारी रखीं। चंदन कुमार सिंह ने कहा कि पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में सख्त निर्णय लेना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अनंत सिंह ने पार्टी से पहले निष्कासित किए जा चुके नेताओं के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता दल (यू) अपने संगठन और पार्टी के हितों के खिलाफ काम करने वालों के मामले में किसी तरह का समझौता नहीं कर सकती। चंदन कुमार सिंह ने बताया कि अनंत सिंह को पार्टी से निष्कासित करने के साथ ही दल-बदल कानून के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से भी आग्रह किया गया है। हालांकि, उनकी विधानसभा सदस्यता को लेकर अंतिम निर्णय संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत ही होगा। जदयू प्रवक्ता ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा संगठनात्मक अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल नेताओं के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की जाती रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की मजबूती के लिए अनुशासन, एकजुटता और नेतृत्व के प्रति प्रतिबद्धता जरूरी है। चंदन कुमार सिंह ने कहा कि अनंत सिंह के निष्कासन का फैसला पार्टी में अनुशासन बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह उन नेताओं के लिए भी स्पष्ट संदेश है, जो संगठन की निर्धारित मर्यादाओं का उल्लंघन करते हैं। उन्होंने दोहराया कि जदयू अपने सिद्धांतों और संगठनात्मक एकजुटता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगी। मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू
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