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कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान भगदड़ में मुजफ्फरपुर के पिता-पुत्र की मौत, एक महीने पहले मां को खोया था परिवार
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October 19, 2026
मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू
मुजफ्फरपुर/कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। राजेपुर थाना क्षेत्र के पिपरा राघव गांव निवासी 38 वर्षीय अभिषेक कुमार श्रीवास्तव और उनके बेटे आयुष की भगदड़ में मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी निभा कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गईं। त्योहार की खुशियां मनाने कोलकाता पहुंचा परिवार कुछ ही पलों में गहरे मातम में डूब गया। इस घटना से गांव में भी शोक की लहर है।
जानकारी के अनुसार, अभिषेक कुमार श्रीवास्तव एक निजी फार्मा कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के पद पर कार्यरत थे। नवरात्रि के अवसर पर उन्होंने तीन दिनों की छुट्टी ली थी और अपनी पत्नी निभा कुमारी तथा बेटे आयुष के साथ दुर्गा पूजा घूमने कोलकाता गए थे। परिजनों के मुताबिक, परिवार 16 अक्टूबर को कोलकाता पहुंचा था। अगले दिन 17 अक्टूबर को सप्तमी के अवसर पर शाम में दुर्गा पूजा पंडालों में दर्शन करने निकला था। इसी दौरान चोरबागान इलाके में बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर बाद वहां भगदड़ मच गई और देखते ही देखते परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
परिजनों ने बताया कि हादसे के समय अभिषेक ने अपने बेटे आयुष को सीने से लगा रखा था। भगदड़ के दौरान दोनों गंभीर रूप से प्रभावित हुए और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस हादसे में उनकी पत्नी निभा कुमारी भी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना में कुल 19 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, हादसे से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के अनुसार मृतकों की संख्या की पुष्टि संबंधित प्रशासनिक स्रोतों से की जानी चाहिए।
अभिषेक का परिवार कोलकाता में अपने परिचित राजेश कुमार श्रीवास्तव के यहां ठहरा हुआ था। राजेश उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी नगरपालिका के वार्ड संख्या सात स्थित बीबी घाट रोड पर रहते हैं। हादसे के दौरान राजेश भी घायल हो गए। उनके सीने में चोट आई और एक पसली टूट गई। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इस हादसे की सबसे दर्दनाक बात यह रही कि परिवार को पहले अभिषेक की मौत की खबर मिली और फिर कुछ समय बाद बेटे आयुष को भी खोने की जानकारी सामने आई। कोलकाता में रहने वाले रिश्तेदार मुकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उनके बड़े भाई की पत्नी की बहन अपने पति और बेटे के साथ मुजफ्फरपुर से दुर्गा पूजा देखने आई थीं। हादसे के बाद अभिषेक को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन बच्चे आयुष की तलाश करने लगे। काफी खोजबीन के बाद अधिकारियों से पता चला कि बच्चा भी अस्पताल में है। जब परिवार के लोग वहां पहुंचे तो उन्हें आयुष की मौत की जानकारी मिली। एक ही परिवार में पिता और बेटे की मौत से सभी लोग सदमे में हैं।
अभिषेक के छोटे भाई अंकित कुमार श्रीवास्तव गुवाहाटी में रहते हैं। उन्होंने बताया कि बड़े भाई ने हादसे से दो दिन पहले फोन करके कोलकाता जाने की जानकारी दी थी। 16 अक्टूबर को दोपहर में दोनों के बीच आखिरी बार बातचीत हुई थी। उस समय अभिषेक ने कहा था कि कोलकाता पहुंचने के बाद फिर बात करेंगे। अंकित के मुताबिक, उन्हें हादसे की सूचना भाई के फोन से नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल प्रशासन के माध्यम से मिली। यह खबर सुनते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि परिवार पर इतनी बड़ी विपत्ति आ गई है।
अंकित ने बताया कि करीब एक महीने पहले ही उनकी मां का निधन हुआ था। परिवार अभी मां के जाने के गम से उबर भी नहीं पाया था कि अब बड़े भाई और भतीजे की मौत ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया। एक तरफ मां की यादें थीं तो दूसरी तरफ भाई और भतीजे को खोने का असहनीय दुख। परिवार के लिए यह समय बेहद कठिन हो गया है।
अभिषेक के पिता बिंदेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे और पोते की मौत के बाद वह बेसुध हैं। उन्होंने दुखी मन से कहा कि उनका सब कुछ उजड़ गया। अभिषेक उनका सबसे प्यारा बेटा था और बुढ़ापे में उनकी देखभाल करता था। छोटा बेटा असम में रहता है और त्योहारों पर ही कभी-कभार घर आता है। ऐसे में बड़े बेटे की मौत से उनका सबसे बड़ा सहारा छिन गया है। जिस बेटे से उन्हें बुढ़ापे में सहारे की उम्मीद थी, उसी बेटे को खोने का दर्द उन्हें अंदर तक तोड़ रहा है।
कोलकाता में दुर्गा पूजा घूमने निकले अभिषेक और आयुष अब कभी घर नहीं लौटेंगे। जिस परिवार ने त्योहार के मौके पर साथ में कुछ खुशनुमा पल बिताने की योजना बनाई थी, उसके हिस्से में जिंदगी भर का दर्द आ गया। इस हादसे ने न केवल एक पिता और बेटे की जान ली, बल्कि एक बुजुर्ग पिता का सहारा भी छीन लिया। मुजफ्फरपुर के पिपरा राघव गांव में इस घटना को लेकर शोक का माहौल है। परिवार के सामने अब अपनों को खोने के गम के साथ घायल निभा कुमारी के स्वास्थ्य और भविष्य की चिंता भी खड़ी है।
मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू, संपादक
