मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू
बिहार की राजनीति में मोकामा के विधायक अनंत सिंह के जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से निष्कासन को लेकर चल रहा सस्पेंस अब खत्म हो गया है। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई के फैसले पर अंतिम मुहर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने लगाई थी। संजय झा के इस बयान के बाद अनंत सिंह के निष्कासन में नीतीश कुमार की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है।
संजय झा ने कहा कि जेडीयू में सभी फैसले पार्टी नेतृत्व की सहमति से लिए जाते हैं और संगठन में अनुशासन सर्वोपरि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनके मुताबिक, किसी भी राजनीतिक दल को सुचारु रूप से चलाने के लिए अनुशासन बनाए रखना जरूरी है और इस मामले में लिया गया फैसला अंतिम है।
अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है। उनके खिलाफ यह कार्रवाई बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट के चुनाव के दौरान जेडीयू के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध करने और जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन करने के बाद हुई। पार्टी ने अनंत सिंह की पत्नी एवं पूर्व विधायक नीलम देवी को भी छह साल के लिए निष्कासित किया है।
अनंत सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना राजनीतिक गुरु बताते रहे हैं। ऐसे में नीतीश कुमार की सहमति से हुई इस कार्रवाई को बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। पार्टी ने अनुशासनहीनता और निर्देशों की अवहेलना को कार्रवाई की वजह बताया है।
इस बीच, जेडीयू ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग को लेकर बिहार विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष भी पहल की है। हालांकि, उनकी विधायकी पर अंतिम निर्णय विधानसभा अध्यक्ष और संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होना है।
मिथिला हिन्दी न्यूज के लिए रोहित कुमार सोनू की रिपोर्ट।