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पटना में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, कई होटल-रेस्टोरेंट में मिली बासी और एक्सपायर्ड सामग्री; लाखों नहीं, हजारों रुपये का खाद्य सामान जब्त कर नष्ट
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October 30, 2026
मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू, संपादक
पटना में त्योहारों के मौसम और रोजमर्रा के खानपान के बीच लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य संरक्षा विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। शुक्रवार को विभाग की टीम ने पटना और मुजफ्फरपुर के विभिन्न होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगह खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई। कहीं बासी और एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिली, तो कहीं शाकाहारी और मांसाहारी भोजन एक साथ रखा पाया गया। कई प्रतिष्ठानों में रसोई की साफ-सफाई से लेकर खाद्य सामग्री के भंडारण तक में गंभीर कमियां मिलीं। इसके बाद विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए खराब खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट कराई और कई खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे।
पटना के बुद्ध मार्ग स्थित जीपीओ के पास मेसर्स अनमोल होटल में निरीक्षण के दौरान रसोई की साफ-सफाई संतोषजनक नहीं मिली। यहां खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर टीम ने पनीर, रोस्टेड चिकन, ग्रेवी, मंचूरियन मसाला, व्हाइट ग्रेवी मिक्स, कच्चा चिकन, पनीर फ्राई, मशरूम, मंचूरियन और कटी हुई सब्जियों सहित कुल 36,650 रुपये की खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट कराई। टीम ने होटल से पनीर और चिकन के नमूने भी लिए। निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र, पेस्ट कंट्रोल रिपोर्ट और पानी की जांच से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिले। इसके अलावा खाद्य सामग्री के भंडारण में फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट (FIFO) नियम का पालन नहीं किया जा रहा था। विभाग ने होटल प्रबंधन को सात दिनों के भीतर कमियां दूर करने का नोटिस दिया है।
फ्रेजर रोड स्थित द बिरयानी मॉल में भी जांच के दौरान एक्सपायर्ड दूध, अमूल चीज और डेयरी क्रीम सहित अन्य खाद्य सामग्री मिली। टीम ने करीब दो हजार रुपये की सामग्री जब्त कर नष्ट कराई। यहां से कच्चे चिकन के दो नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। खाद्य सुरक्षा मानकों में गंभीर कमियां मिलने के बाद विभाग ने रसोई को तीन दिनों तक बंद रखने का निर्देश दिया।
बोरिंग कैनाल रोड स्थित कोलकाता बिरयानी महल में भी रसोई की साफ-सफाई में कमी पाई गई। कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र, पानी की जांच रिपोर्ट और पेस्ट कंट्रोल से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। टीम ने यहां से कच्चे चिकन और मिर्च पाउडर के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे। रसोई की अस्वच्छ स्थिति को देखते हुए इसे दो दिनों तक बंद रखने का निर्देश दिया गया।
आशियाना-दीघा रोड स्थित बिरयानी महल में निरीक्षण के दौरान 13 किलो हाफ बॉयल्ड चिकन, तीन किलो वेज आइटम और डेढ़ किलो उबला हुआ मटन मिला। टीम ने इन खाद्य पदार्थों को जब्त कर नष्ट करा दिया। जब्त सामग्री की कीमत करीब 3,150 रुपये बताई गई है। वहीं, एसके पुरी स्थित बिरयानी बूल्ज में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थ एक साथ रखे मिले। प्रतिष्ठान में कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र, पानी की जांच रिपोर्ट और खाद्य सामग्री के भंडारण से संबंधित FIFO तथा FEFO व्यवस्था में भी कमियां पाई गईं। टीम ने यहां से कच्चे बासमती चावल का नमूना लिया।
एसके पुरी के बोरिंग रोड स्थित बिरयानी महल में भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम पहुंची। निरीक्षण के दौरान पानी की जांच रिपोर्ट, पेस्ट कंट्रोल प्रमाण पत्र और कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं मिले। टीम ने यहां से चिकन मसाला और कच्चे मटन के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। इसके अलावा बेली रोड पर बिहार म्यूजियम के सामने स्थित मटन महल की भी जांच की गई। यहां से सरसों तेल का नमूना लिया गया। प्रतिष्ठान को खाद्य अनुज्ञप्ति बनवाने और सात दिनों के भीतर कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र, पेस्ट कंट्रोल रिपोर्ट तथा पानी की जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
वेस्ट बोरिंग कैनाल रोड स्थित टेस्टी ट्रीट रेस्टोरेंट एंड कैफे में भी जांच के दौरान सड़ी-गली खाद्य सामग्री मिली। टीम ने दो किलो चिकन, एक किलो पीली दाल, एक किलो पकी हुई मछली और तीन किलो ग्रेवी जब्त कर नष्ट करा दी। जब्त खाद्य सामग्री की कीमत करीब एक हजार रुपये बताई गई है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से होटल और रेस्टोरेंट संचालकों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, रसोई की स्वच्छता, कर्मचारियों के स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेज और खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन प्रतिष्ठानों से नमूने लिए गए हैं, उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
त्योहारों के दौरान मिठाई, दूध, पनीर, मांस और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। उपभोक्ताओं को भी भोजन की गुणवत्ता को लेकर सतर्क रहना चाहिए और किसी प्रतिष्ठान में खराब या दूषित खाद्य सामग्री मिलने पर संबंधित विभाग को इसकी सूचना देनी चाहिए।
मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू, संपादक
