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छह साल की मासूम के साथ दरिंदगी, मोबाइल दिखाने के बहाने घर ले गया पड़ोसी; मां पहुंची तो सामने आई खौफनाक सच्चाई, रो पड़ेगा कलेजा
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November 07, 2026
मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू
सारण से आई इस खबर ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। जिस उम्र में एक बच्ची को दुनिया की अच्छाई-बुराई का एहसास तक नहीं होता, जिस उम्र में उसके हाथों में खिलौने होने चाहिए और आंखों में मासूम सपने, उस उम्र में उसके साथ ऐसी दरिंदगी की गई कि सुनकर किसी का भी कलेजा कांप उठे। महज छह साल की मासूम को क्या पता था कि जिस पड़ोसी को वह जानती है, वही उसके लिए इतना बड़ा खतरा बन जाएगा।
घटना बिहार के सारण जिले के अमनौर थाना क्षेत्र के एक गांव की है। गुरुवार की शाम बच्ची स्कूल से घर लौटी थी। घर के बाहर खेलते समय पड़ोस में रहने वाला एक शादीशुदा युवक उसे मोबाइल फोन दिखाने का लालच देकर अपने घर ले गया। उस समय आरोपी के परिवार के अन्य सदस्य खेत में धान की कटाई करने गए थे। घर में वह अकेला था। आरोप है कि इसी दौरान उसने मासूम के साथ दुष्कर्म किया।
बच्ची की मासूमियत उस समय दर्द में बदल गई, जब वह रोने लगी। उसकी रोने की आवाज सुनकर मां दौड़ती हुई मौके पर पहुंची। वहां जो कुछ सामने आया, उसने मां के पैरों तले जमीन खिसका दी। जिस बच्ची को कुछ देर पहले तक खेलते हुए देखकर मां निश्चिंत थी, उसी के साथ पड़ोस में रहने वाले युवक ने ऐसी घिनौनी हरकत की थी। एक मां के लिए इससे बड़ा सदमा क्या होगा कि उसकी छोटी सी बच्ची को इस तरह की पीड़ा से गुजरना पड़ा।
परिजनों ने बिना देर किए डायल 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। अमनौर थानाध्यक्ष विमलेश कुमार पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए मढ़ौरा एसडीपीओ ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से जानकारी ली।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता की मां के आवेदन पर पॉक्सो एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। बच्ची को चिकित्सीय जांच और उपचार के लिए छपरा सदर अस्पताल भेजा गया है। पुलिस आरोपी की मेडिकल जांच कराने के साथ मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
घटना के बाद गांव के लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीण आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई और ऐसी सजा की मांग कर रहे हैं, जिससे भविष्य में कोई भी मासूम की जिंदगी और बचपन से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।
आज सवाल सिर्फ एक परिवार के दर्द का नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी का भी है। छह साल की जिस बच्ची को अभी दुनिया की खुशियां देखनी थीं, उसे इतनी कम उम्र में ऐसा दर्द सहना पड़ा। इस मासूम को अब सबसे ज्यादा जरूरत प्यार, सुरक्षा, उचित इलाज और परिवार के साथ की है।
मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू
