पटना:
बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर चल रही सियासत अब और गरमा गई है। कुछ दिन पहले विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर जोरदार हंगामा हुआ था, और अब इस पर केंद्रीय मंत्री व हम प्रमुख जीतन राम मांझी ने राजद और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
मांझी ने तंज कसते हुए कहा –
> “राजद चाहती है कि जो लोग मृत्यु लोक से जा चुके हैं, वे भी लौटकर वोट दें। मतलब साफ है कि वोटर लिस्ट से फर्जी नाम हटाने का विरोध सिर्फ उन्हीं को तकलीफ देता है, जिन्हें फर्जीवाड़े की आदत रही है।”
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🔹 क्या है मामला?
चुनाव आयोग ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत 1 से 30 अगस्त के बीच दावा-आपत्ति दर्ज करने, दस्तावेज अपलोड करने और सूची सुधार का काम चल रहा है। इसी को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर चुनाव में गड़बड़ी की साजिश का आरोप लगाया था। विधानसभा में इस पर तीखा विरोध दर्ज कराया गया था।
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🔹 विपक्ष की आपत्ति
राजद और कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह रिवीजन जातीय आधार पर वोट काटने की रणनीति है। उनका कहना है कि इससे गरीब, ग्रामीण और अल्पसंख्यक वर्ग के कई लोगों के नाम छूट सकते हैं।
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🔹 सत्तापक्ष का जवाब
मांझी ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि –
> “असली वोटरों की पहचान जरूरी है। जिनका नाम सही है, उन्हें डरने की जरूरत नहीं। लेकिन जिनकी राजनीति फर्जी वोटों पर टिकी है, वही सबसे ज्यादा शोर मचा रहे हैं।”
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🔹 चुनाव से पहले राजनीति तेज
बिहार में 2025 में विधानसभा चुनाव होने हैं, और वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर उठा यह विवाद राजनीतिक दलों की चुनावी तैयारियों और रणनीतियों का संकेत है।
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