बिहार की राजनीति में कई ऐसे नेता रहे हैं जिन्होंने अलग-अलग दलों का सफर तय किया है। इनमें राजू कुमार सिंह का नाम खास है। उन्होंने 2005 में लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) से राजनीति की शुरुआत की थी। उसी साल हुए विधानसभा चुनाव में वे लोजपा के टिकट पर विजयी रहे।
लेकिन राजनीति में उनका दल-बदल यहीं नहीं थमा। अक्टूबर, 2005 के चुनाव में वे जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से जीतकर विधानसभा पहुंचे। इसके बाद 2015 में उन्होंने जदयू को अलविदा कह दिया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए।
2020 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने एक बार फिर नया राजनीतिक दांव खेला और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे। इस चुनाव में भी उन्हें जीत मिली।
यानी, राजू कुमार सिंह का अब तक का सफर लोजपा से शुरू होकर जदयू, भाजपा और वीआईपी होते हुए फिर भाजपा तक पहुंचा है। बिहार की राजनीति में उनके इस लगातार दल-बदल को रणनीतिक और अवसरवादी दोनों नजरिए से देखा जा रहा है।