केंद्र सरकार ने पहली बार उन राशन कार्डधारकों की पहचान की है जो मुफ्त खाद्यान्न योजना का लाभ लेने के पात्र नहीं हैं। इसमें आयकर दाता, चार-पहिया वाहन मालिक और कंपनियों के निदेशक शामिल हैं।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने इसके लिए राशन कार्डधारकों का विवरण विभिन्न सरकारी एजेंसियों के डाटाबेस से मिलान किया है। इसमें आयकर विभाग, सड़क परिवहन मंत्रालय और कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय का सहयोग लिया गया। इस प्रक्रिया के बाद अपात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की गई है।
सरकार का कहना है कि इस कदम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक ही मुफ्त खाद्यान्न योजना का लाभ पहुंचेगा। वहीं, अपात्र लोगों को सूची से बाहर कर दिया जाएगा ताकि असली हकदारों को ज्यादा फायदा मिल सके।
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