पटना। बिहार की राजनीति के इतिहास में 25 जुलाई 1997 का दिन बेहद अहम रहा। चारा घोटाले की आंच जब तेज हुई तो तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने सत्ता बचाने के लिए बड़ा दांव खेला। उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देकर अपनी पत्नी राबड़ी देवी को कुर्सी सौंप दी। इसके बाद 30 जुलाई 1997 को लालू प्रसाद ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया।
राबड़ी देवी पहली बार मुख्यमंत्री बनीं और उन्होंने सरकार चलाना शुरू किया। राजनीति के जानकार मानते हैं कि यह कदम लालू प्रसाद की रणनीति का हिस्सा था, ताकि परिवार और पार्टी पर पकड़ बनी रहे।
लालू प्रसाद पहले भी तोड़-फोड़ की राजनीति में माहिर माने जाते रहे हैं। वर्ष 1990 में सरकार बनाने और उसे बचाए रखने के लिए उन्होंने कई दलों में विभाजन कराया था। यही उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत मानी जाती है।
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