अमनौर विधानसभा क्षेत्र की सियासत इस समय जनसुराज के संभावित प्रत्याशी उज्जवल कुमार छोटू के इर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही है। प्रशांत किशोर के नेतृत्व और उनके विजन को लेकर जिस तरह घर-घर चर्चा हो रही है, उसी तरह उज्जवल कुमार छोटू का नाम भी लगातार लोगों की जुबान पर चढ़ता जा रहा है।
पिछले कुछ महीनों में क्षेत्र में सबसे ज्यादा कार्यक्रम आयोजित कराकर उन्होंने न केवल अपनी सक्रियता का परिचय दिया है, बल्कि पार्टी और अपने नाम को भी आम मतदाताओं के बीच स्थापित कर दिया है। साफ-सुथरी छवि और जनसंपर्क में आगे रहने की वजह से वे प्रशांत किशोर की "गुड बुक" में गिने जा रहे हैं।
अमनौर का जातीय और सियासी समीकरण भी उनके पक्ष में जाता दिख रहा है। स्थानीय स्तर पर उनकी स्वीकार्यता और संगठनात्मक ताकत उन्हें अन्य दावेदारों से अलग खड़ा करती है। गांव-गांव और टोला-मोहल्ले तक उनकी पहुंच और जनसंपर्क के कारण लोग उन्हें भविष्य का नेतृत्वकर्ता मानने लगे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2025 के विधानसभा चुनाव में जनसुराज के लिए अमनौर की सबसे मजबूत उम्मीद उज्जवल कुमार छोटू ही साबित हो सकते हैं। जनता के बीच उनकी पकड़ और प्रशांत किशोर की रणनीति दोनों मिलकर क्षेत्र की राजनीति का समीकरण बदलने की क्षमता रखते हैं।