नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित होता है। शास्त्रों में वर्णन है कि मां शैलपुत्री को गाय के दूध से बनी खीर का भोग विशेष रूप से प्रिय है। भक्त इस दिन शुद्ध मन और भक्ति भाव से माता की आराधना कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
पूजा विधि और खास बातें
सुबह स्नान कर के व्रत का संकल्प लें।
मां शैलपुत्री की प्रतिमा या चित्र को गंगाजल से शुद्ध करें।
लाल या पीले फूल अर्पित करें।
गाय के दूध से बनी खीर का भोग लगाएँ।
दीप जलाकर ‘ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः’ मंत्र का जाप करें।
पूजा के दौरान पूर्ण पवित्रता और सात्विकता का ध्यान रखें।
महत्व
मान्यता है कि मां शैलपुत्री की पूजा करने से साधक को धैर्य, शांति और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही जीवन से नकारात्मकता दूर होती है और परिवार में सौहार्द बना रहता है।
👉 नवरात्रि की हर खबर और धार्मिक अपडेट के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज