बिहार में जमीन से जुड़े विवादों पर सख्ती दिखाते हुए डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने भूमि सुधार जनकल्याण संवाद की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को 15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कड़े शब्दों में चेतावनी दी।
‘अगली बार थरथराने का भी समय नहीं मिलेगा’
संवाद के दौरान विजय सिन्हा ने सख्त लहजे में कहा कि
जानबूझकर या गलत तरीके से दाखिल-खारिज और मापी कर भूमि विवाद पैदा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
ऐसे मामलों में लिप्त जालसाजों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी ने ऐसे लोगों की मदद की, तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई तय है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगली बार कार्रवाई इतनी तेज होगी कि दोषियों को “थरथराने का भी समय नहीं मिलेगा।”
भूमि विवाद खत्म करना सरकार की प्राथमिकता
डिप्टी सीएम ने कहा कि भूमि से जुड़े विवाद राज्य में बड़ी समस्या हैं और इन्हें खत्म करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए राजस्व तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
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