संवाद
नववर्ष की शुरुआत के साथ ही जनवरी माह से राशन वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव लागू किया जा रहा है। सरकार के नए फैसले के तहत अब राशन कार्डधारकों को प्रति यूनिट दो किलो गेहूं और तीन किलो चावल दिया जाएगा। इस नई व्यवस्था से राज्य के लाखों राशन लाभुकों को सीधा फायदा मिलेगा।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अनुसार, राशन वितरण को और अधिक संतुलित व पोषणयुक्त बनाने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है। पहले की व्यवस्था में लाभुकों को अलग अनुपात में अनाज मिलता था, लेकिन अब गेहूं और चावल दोनों का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि लोगों को विविध आहार मिल सके।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था से गरीब और जरूरतमंद परिवारों की खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी। साथ ही राशन दुकानों पर पारदर्शिता भी बढ़ेगी और वितरण प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। लाभुकों को ई-पॉस मशीन के माध्यम से राशन दिया जाएगा, जिससे फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी।
राशन कार्डधारकों से अपील की गई है कि वे समय पर अपनी राशन दुकान पर जाकर निर्धारित मात्रा में अनाज प्राप्त करें और किसी भी तरह की शिकायत होने पर संबंधित विभाग को सूचित करें।
राशन व्यवस्था में यह बदलाव खासकर ग्रामीण और शहरी गरीब परिवारों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है, जिससे महंगाई के दौर में उनकी रसोई का खर्च कुछ हद तक कम होगा।
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