संवाद
नए साल 2026 से ठीक पहले आधार कार्ड से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। दिसंबर 2025 में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) का पूरा फोकस डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने और आधार डेटा के दुरुपयोग को रोकने पर है। इसी दिशा में आधार कार्ड के डिजाइन, वेरिफिकेशन प्रक्रिया और पहचान सत्यापन के तरीकों में कई अहम परिवर्तन किए गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा।
1 दिसंबर 2025 से लागू हुआ आधार का नया डिजाइन
डिजिटल फ्रॉड और डेटा लीक की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए UIDAI ने आधार कार्ड का नया डिजाइन 1 दिसंबर 2025 से लागू कर दिया है। इस नए आधार कार्ड में अब केवल
- कार्डधारक की फोटो
- एक सुरक्षित QR कोड
ही मौजूद होगा। खास बात यह है कि न तो कार्ड पर नाम छपा होगा और न ही आधार नंबर दिखाई देगा। UIDAI का उद्देश्य साफ है—अगर आधार कार्ड की फोटोकॉपी या स्कैन कॉपी गलत हाथों में भी चली जाए, तो उसका दुरुपयोग न किया जा सके।
UIDAI ने इस नए डिजाइन वाले आधार कार्ड में अपडेट कराने की अंतिम तिथि 14 जून 2026 तय की है। हालांकि, राहत की बात यह है कि मौजूदा आधार कार्ड पूरी तरह से मान्य बने रहेंगे और उन्हें रद्द नहीं किया गया है।
फिजिकल आधार कॉपी देने से बचने की सलाह
UIDAI के नए नियमों के तहत अब फिजिकल आधार की फोटोकॉपी देने को हतोत्साहित किया जाएगा। प्राधिकरण का मानना है कि सबसे ज्यादा डेटा लीक फोटोकॉपी के जरिए ही होता है।
अब पहचान सत्यापन के लिए इन विकल्पों को प्राथमिकता दी जाएगी—
- QR कोड स्कैनिंग
- ऑफलाइन आधार XML
- मास्क्ड आधार कार्ड
इससे आम लोगों की निजी जानकारी ज्यादा सुरक्षित रहेगी और अनावश्यक डेटा शेयरिंग रुकेगी।
फेस ऑथेंटिकेशन को मिली कानूनी मान्यता
डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट के तहत अब फेस ऑथेंटिकेशन को औपचारिक कानूनी मान्यता दी जा रही है। यानी सुरक्षित डिजिटल पहचान के लिए फेस रिकग्निशन को एक वैध तरीका माना जाएगा।
इस बदलाव से
- बैंकिंग सेवाएं
- सरकारी योजनाएं
- सब्सिडी और अन्य डिजिटल सेवाएं
में आधार वेरिफिकेशन पहले से ज्यादा तेज, आसान और सुरक्षित हो सकेगा।
आम लोगों के लिए क्या बदलेगा?
इन नए नियमों के लागू होने से आम नागरिकों को
- डेटा चोरी और फ्रॉड से सुरक्षा
- पहचान सत्यापन में सहूलियत
- डिजिटल सेवाओं में भरोसा
जैसे फायदे मिलेंगे। UIDAI का यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा और जरूरी सुधार माना जा रहा है।
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