सीवान।
बिहार के सीवान जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिसवन थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर (दारोगा) कन्हैया कुमार सिंह को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 23 दिसंबर 2025 को की गई।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) की टीम ने दारोगा को सीवान–रघुनाथपुर मुख्य मार्ग पर स्थित महाराणा प्रताप चौक के पास बबलू टी स्टॉल से रिश्वत की रकम लेते समय पकड़ा।
केस से नाम हटाने के बदले मांगी थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, दारोगा कन्हैया कुमार सिंह ने भूमि विवाद से जुड़े कांड संख्या 309/25 में शिकायतकर्ता सुनील कुमार की बहन का नाम केस डायरी से हटाने और आरोपी को राहत देने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। पीड़ित से लगातार दबाव बनाए जाने के बाद उसने पटना स्थित निगरानी विभाग में इसकी शिकायत दर्ज कराई।
DSP के नेतृत्व में बिछाया गया जाल
शिकायत की सत्यता जांचने के बाद निगरानी विभाग के डीएसपी बिप्लव कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। योजना के तहत जाल बिछाया गया और जैसे ही दारोगा ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, टीम ने उसे मौके पर ही धर दबोचा।
पटना ले जाकर पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम आरोपी दारोगा को पूछताछ के लिए पटना ले गई है, जहां उसे निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
एक ही दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई
इसी दिन निगरानी विभाग ने पटना के मसौढ़ी में भी एक राजस्व कर्मचारी को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया, जिससे साफ है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है।
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