नल-जल योजना में लापरवाही और अनियमितताओं के मामलों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। विभागीय जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद 5 इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई विभागीय मंत्री संजय सिंह के सख्त निर्देशों के बाद की गई है।
मंत्री संजय सिंह ने पहले ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे दिए थे कि जनहित से जुड़ी योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा था कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी अपने दायित्वों के निर्वहन में कोताही बरतेगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जांच में सामने आया है कि नल-जल योजना के तहत कई स्थानों पर कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई, वहीं कुछ योजनाएं तय समय-सीमा में पूरी नहीं की गईं। इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए विभाग ने दोषी इंजीनियरों को निलंबित करने का फैसला लिया।
मंत्री संजय सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि नल-जल योजना आम जनता से सीधे जुड़ी हुई है और इसमें पारदर्शिता व गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में अन्य मामलों की समीक्षा की जा रही है और जरूरत पड़ने पर और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
सरकार की इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि नल-जल योजना में लापरवाही करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
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