संवाद
पटना।
राजद की पूर्व नेत्री ऋतु जायसवाल ने बिहार की अंचल और थाना व्यवस्था को लेकर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि अंचलों में जमाबंदी और थानों में शराबबंदी के नाम पर पदाधिकारियों को बेलगाम ताकत मिल गई है, जिसका सीधा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
ऋतु जायसवाल ने आरोप लगाया कि जमीन से जुड़े मामलों में अंचल कार्यालयों में वर्षों तक फाइलें अटकी रहती हैं, जबकि थाना स्तर पर शराबबंदी कानून के दुरुपयोग की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा, “आज आम आदमी की किस्मत फाइलों में कैद होकर रह गई है। बिना सिफारिश और दबाव के काम होना मुश्किल हो गया है।”
पूर्व नेत्री ने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त निगरानी तंत्र और समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने सरकार से अपील की कि अंचल और थाना स्तर पर सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि जनता को राहत मिल सके।
राजनीतिक गलियारों में उनके इस बयान को प्रशासनिक सुधार की मांग के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं विपक्ष ने इसे जनता की आवाज बताया है।
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