संवाद
पटना। बिहार सरकार मखाना की समग्र अर्थव्यवस्था—उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, मार्केटिंग और निर्यात—को सुदृढ़ करने के लिए पांच वर्ष का व्यापक रोडमैप तैयार कराने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में सोमवार को नीति-निर्माताओं, विशेषज्ञ संस्थानों, किसानों, उद्यमियों और अन्य हितधारकों के बीच संवाद, नवाचार और समन्वय को केंद्र में रखते हुए महत्वपूर्ण मंथन किया गया।
इस दौरान मखाना क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के लिए लेबर कार्ड की व्यवस्था करने का अहम निर्णय लिया गया। इससे खेतों और प्रसंस्करण इकाइयों में काम करने वाले मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं और सहायता का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। यह कदम मखाना उद्योग से जुड़े श्रमिकों के जीवनस्तर में सुधार की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।
कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार की अध्यक्षता में कृषि भवन, पटना में आयोजित “राष्ट्रीय मखाना समृद्धि मंथन” कार्यक्रम का उद्देश्य बिहार में मखाना से संबंधित पूरी मूल्य श्रृंखला को सशक्त, संगठित और आत्मनिर्भर बनाना रहा। कार्यक्रम में उत्पादन क्षमता बढ़ाने, आधुनिक प्रसंस्करण तकनीकों को अपनाने, गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग, ब्रांड निर्माण और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
सरकार का मानना है कि इस समन्वित प्रयास से न केवल किसानों और उद्यमियों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि बिहार को मखाना उत्पादन और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में ठोस आधार भी तैयार होगा।
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