केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतनराम मांझी ने गया जी के विकास को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि गया के विकास के लिए अगर जरूरत पड़ी तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पैर भी पकड़ लेंगे। मांझी ने साफ शब्दों में कहा कि उनके लिए गया जी का विकास सर्वोपरि है, राजनीति बाद में आती है।
जीतनराम मांझी ने याद दिलाया कि जब वह अल्पकाल के लिए बिहार के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने गया से जुड़ी एक महत्वपूर्ण परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी थी। उन्होंने कहा कि सीमित समय के बावजूद उन्होंने गया के विकास को प्राथमिकता दी और संसाधनों की व्यवस्था की।
मांझी ने यह भी कहा कि गया अंतरराष्ट्रीय धार्मिक और पर्यटन स्थल है। यहां बोधगया, विष्णुपद मंदिर जैसे विश्व प्रसिद्ध स्थल हैं, ऐसे में केंद्र और राज्य सरकार दोनों की जिम्मेदारी है कि यहां बुनियादी ढांचे, सड़क, पर्यटन और रोजगार पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गया के हित में वह किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
राजनीतिक गलियारों में मांझी के इस बयान को गया के विकास को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। उनके बयान के बाद बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।
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